बड़ी खबर : नगर परिषद के भ्रष्टाचार को लेकर सीएम को ज्ञापन सौंपेंगे पूर्व पार्षद ..

कहा कि शहर की कई प्रमुख सड़कों और मोहल्लों में खोदे गए गड्ढों की वजह से राहगीरों, बाइक सवारों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं, बावजूद इसके नगर परिषद के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं.





                               


  • तीन माह से खोदे गए गड्ढों पर फूटा गुस्सा, बोले- हादसों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
  • वाटर एटीएम, सड़क निर्माण, सफाई और प्राक्कलन बोर्ड समेत कई मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने उठाने की तैयारी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर परिषद की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं. नगर परिषद के पूर्व वार्ड पार्षद राकेश सिंह ने नगर क्षेत्र में व्याप्त अव्यवस्था, कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मनमानी को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है. उन्होंने आरोप लगाया कि नगर के विभिन्न इलाकों में पिछले लगभग तीन माह से किसी निजी कंपनी द्वारा फाइबर ऑप्टिकल लाइन बिछाने के नाम पर गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं, जिससे आए दिन लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, लेकिन नगर परिषद पूरी तरह मूकदर्शक बनी हुई है.

राकेश सिंह ने कहा कि शहर की कई प्रमुख सड़कों और मोहल्लों में खोदे गए गड्ढों की वजह से राहगीरों, बाइक सवारों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं, बावजूद इसके नगर परिषद के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है. जबकि इस मामले को लेकर ईओ ऋत्विक कुमार तथा एसबीएम अधिकारी रवि कुमार सिंह को कई बार सूचना दी गई है.

पूर्व वार्ड पार्षद ने नगर परिषद पर विकास कार्यों में भारी अनियमितता का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अंबेडकर चौक समेत विभिन्न इलाकों में एक ही स्थान के आसपास कई हाई मास्ट लाइट लगा दी गई हैं, जबकि कई मोहल्ले अब भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. उनका कहना है कि योजनाओं का चयन जरूरत के आधार पर नहीं बल्कि मनमाने तरीके से किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों में कहीं भी प्राक्कलन बोर्ड नहीं लगाया जा रहा है, जिससे आम लोगों को योजना की लागत, अवधि और एजेंसी की जानकारी नहीं मिल पा रही है.

उन्होंने ज्योति चौक पर लगाए गए वाटर एटीएम को भी भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया. राकेश सिंह ने कहा कि वाटर एटीएम का भुगतान हो चुका है, लेकिन आज तक उसमें समरसेबल नहीं लगाया गया है, जिससे वह शोपीस बनकर रह गया है और आम लोगों को उसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है.

सड़क निर्माण कार्यों को लेकर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि नगर में बनाई जा रही सड़कों में इतनी अनियमितता और घटिया निर्माण किया गया है कि भारी वाहनों के दबाव से सड़क टूटने की आशंका बनी हुई है. इसी वजह से कई जगहों पर सड़क के बीच में खंभा गाड़ दिया गया है, ताकि भारी वाहन वहां से गुजर न सकें. उन्होंने इसे निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार छिपाने की कोशिश बताया. इसके अतिरिक्त पुस्तकालय रोड का निर्माण नहीं कराए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि लंबे समय से लोग खराब सड़क की समस्या झेल रहे हैं.

उन्होंने धार्मिक नगर इलाके में खुले में मांस बिक्री कराए जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इससे स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं. साथ ही नगर परिषद के विस्तारित क्षेत्रों में विकास कार्य लगभग ठप होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां सड़क, नाली और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है.

विश्व प्रसिद्ध की साफ-सफाई को लेकर भी उन्होंने नगर परिषद को घेरा. राकेश सिंह ने कहा कि सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये की निकासी हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद खराब है. घाटों और शहर के कई इलाकों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि नगर परिषद में “भ्रष्टाचार की गंगा” बह रही है और अधिकारियों पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं रह गया है. जब भी मुख्यमंत्री बक्सर आते हैं तो नगर परिषद के चेयरमैन तथा अन्य अधिकारी गुलदस्ता इसलिए देते हैं ताकि उनका भ्रष्टाचार छिप सके. ऐसे में वह मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे.














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