आरोप है कि बैंक ने शुरुआत में 10.50 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन स्वीकृत किया और सभी दस्तावेज जमा करा लिए. बाद में लोन संबंधी कागजात पर हस्ताक्षर के दौरान ब्याज दर बढ़ाकर 11.75 प्रतिशत कर दी गई.
- सेवा में त्रुटि के आरोपों को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग ने दोनों मामलों में जारी किया नोटिस
- फ्रिज खराब होने और मनमाने ब्याज बढ़ाने से परेशान उपभोक्ताओं ने लगाई न्याय की गुहार
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिला उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कथित त्रुटि और उपभोक्ताओं को आर्थिक व मानसिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में बंधन बैंक, सैमसंग इंडिया और राजीव इलेक्ट्रॉनिक्स को नोटिस जारी किया है. दोनों मामलों में उपभोक्ताओं ने आयोग से न्याय की मांग करते हुए लाखों रुपए की क्षतिपूर्ति की गुहार लगाई है.
पहला मामला परिवाद पत्र संख्या 34/2026 से जुड़ा है. अधिवक्ता विष्णुदत्त द्विवेदी ने बताया कि इटाढ़ी निवासी संजीव कुमार गुप्ता ने बक्सर स्थित बंधन बैंक शाखा से पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया था. आरोप है कि बैंक ने शुरुआत में 10.50 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन स्वीकृत किया और सभी दस्तावेज जमा करा लिए. बाद में लोन संबंधी कागजात पर हस्ताक्षर के दौरान ब्याज दर बढ़ाकर 11.75 प्रतिशत कर दी गई.
परिवादी के विरोध करने पर बैंक अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि खाते में 40 लाख रुपए भेज दिए गए हैं और बाद में ब्याज दर में सुधार कर दिया जाएगा. आरोप है कि इसके बाद ब्याज दर कम करने के बजाय लगातार बढ़ाई जाती रही और 12.65 प्रतिशत, 13.65 प्रतिशत होते हुए 14.25 प्रतिशत तक पहुंच गई. परिवादी ने जब मामले की शिकायत आरबीआई से की तो उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर पाए गए.
मामले में परिवादी ने 15 लाख रुपए आर्थिक क्षति, 20 लाख रुपए मानसिक क्लेश और 25 हजार रुपए वाद खर्च दिलाने के साथ जमा राशि के सही समायोजन की मांग की है. आयोग ने परिवाद स्वीकार करते हुए बैंक को नोटिस जारी किया है.
वहीं डुमरांव के चाणक्य कॉलोनी निवासी संजीव कुमार सिंह ने सैमसंग इंडिया और राजीव इलेक्ट्रॉनिक्स के खिलाफ परिवाद दायर किया है. अधिवक्ता विष्णुदत्त द्विवेदी के अनुसार परिवादी ने 1 लाख 21 हजार 345 रुपए में फ्रिज खरीदा था, लेकिन गारंटी अवधि के दौरान ही उसमें बार-बार खराबी आने लगी. लगभग पांच बार खराब होने के बावजूद फ्रिज सही तरीके से काम नहीं कर सका. आरोप है कि मरम्मत के नाम पर परिवादी से 9686 रुपए भी वसूले गए.
लगातार परेशानी के बाद उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में 4 लाख 75 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए परिवाद दायर किया. सेवानिवृत्त न्यायाधीश सह अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह एवं सदस्य राजीव सिंह की खंडपीठ ने मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है.






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