रेलवे ने पहले ही प्रशासन को इस संबंध में सूचना दे दी थी. उन्होंने बताया कि मार्च महीने में जिलाधिकारी को पत्र भेजकर स्पष्ट कर दिया गया था कि रेलवे ओवरब्रिज के तैयार होने के बाद इस फाटक को बंद कर दिया जाएगा.

- फाटक संचालन में लगे रेलकर्मियों की ड्यूटी हटाई गई, केबिन पर लटका ताला
- आरओबी विवाद के बाद फिर खुलने की उठी थी मांग, लेकिन रेलवे का रुख साफ
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को दोबारा चालू किए जाने की चर्चाओं के बीच अब रेलवे की कार्रवाई ने तस्वीर लगभग साफ कर दी है. रेलवे द्वारा फाटक संचालन में लगे कर्मचारियों को वहां से हटा लिया गया है और फाटक के केबिन में ताला लगा दिया गया है. इसके बाद क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि अब रेलवे फाटक दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा.
इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों के बीच रेलवे फाटक को पुनः खोलने की मांग तेज हो गई थी. लोगों का मानना था कि जब तक ओवरब्रिज की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में रेलवे क्रॉसिंग को खोला जा सकता है. इसके कारण कुछ दिनों से इस विषय पर लगातार चर्चाएं चल रही थीं.
मार्च में ही रेलवे ने दे दिया था संकेत
रेल यातायात निरीक्षक विंध्याचल पांडेय के अनुसार रेलवे ने पहले ही प्रशासन को इस संबंध में सूचना दे दी थी. उन्होंने बताया कि मार्च महीने में जिलाधिकारी को पत्र भेजकर स्पष्ट कर दिया गया था कि रेलवे ओवरब्रिज के तैयार होने के बाद इस फाटक को बंद कर दिया जाएगा. रेलवे की योजना पहले से तय थी और उसी दिशा में कार्रवाई की जा रही है.
मंत्री की घोषणा और जमीनी स्थिति में दिखा अंतर
आरओबी को लेकर मामला सामने आने के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया था. पथ निर्माण विभाग के मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह कहा गया था कि रेलवे क्रॉसिंग खोल दी गई है. हालांकि मौके पर स्थिति अलग दिखाई दी और फाटक पर किसी प्रकार की गतिविधि शुरू नहीं हुई. अब रेलवे कर्मचारियों को हटाने के बाद लोगों के बीच भ्रम की स्थिति भी काफी हद तक समाप्त होती दिख रही है.
रेल परिचालन में बाधा बन रहा था फाटक
जानकारों की मानें तो रेलवे लंबे समय से इस फाटक को बंद करने की योजना पर काम कर रहा था. बताया जाता है कि कई बार रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों की लंबी कतार लगने के कारण ट्रेन परिचालन प्रभावित होता था. फाटक बंद और खुलने की प्रक्रिया के दौरान ट्रेनों के संचालन में देरी की स्थिति भी बनती थी.
पहले से तय थी स्थायी बंदी की योजना
सूत्रों के अनुसार रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के साथ ही इस फाटक को स्थायी रूप से बंद करने की तैयारी कर ली गई थी. अब रेलवे के ताजा कदम के बाद यह माना जा रहा है कि इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को फिर से शुरू करने की संभावना काफी कम हो गई है. हालांकि स्थानीय लोग अब भी प्रशासन और रेलवे के अगले फैसले पर नजर बनाए हुए हैं.





.png)









0 Comments