आरओबी क्षति मामले में बढ़ी सियासत, रेलवे और पुल निर्माण निगम पर उठे सवाल ..

क्षतिग्रस्त स्थल का निरीक्षण किया और रेलवे तथा बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. प्रतिनिधिमंडल ने निर्माण प्रक्रिया में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.






                           


  • राजद प्रतिनिधिमंडल ने स्थल का किया निरीक्षण, निष्पक्ष जांच की मांग
  • निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होने का लगाया आरोप

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग के समीप बने नवनिर्मित रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) के क्षतिग्रस्त होने का मामला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. रविवार को राजद झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने क्षतिग्रस्त स्थल का निरीक्षण किया और रेलवे तथा बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. प्रतिनिधिमंडल ने निर्माण प्रक्रिया में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.

निरीक्षण के बाद संतोष भारती ने कहा कि किसी भी बड़े निर्माण कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इस परियोजना में कई ऐसे पहलू सामने आ रहे हैं जो संदेह पैदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किया गया था या नहीं.

परियोजना की जानकारी सार्वजनिक नहीं होने पर आपत्ति

उन्होंने कहा कि आम तौर पर सरकारी निर्माण परियोजनाओं के दौरान स्थल पर सूचना बोर्ड लगाए जाते हैं, जिसमें निर्माण एजेंसी, परियोजना लागत, प्राक्कलन राशि और कार्य अवधि की जानकारी रहती है. इससे आम लोगों को योजना से जुड़ी जानकारी मिलती है. लेकिन यहां ऐसी कोई व्यवस्था नहीं दिखी. उन्होंने आरोप लगाया कि न बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और न ही रेलवे की ओर से परियोजना की जानकारी सार्वजनिक की गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं.

सभी संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की मांग

संतोष भारती ने कहा कि मामले में केवल संवेदक पर कार्रवाई कर देना पर्याप्त नहीं होगा. यदि निर्माण में गड़बड़ी हुई है तो निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियरों और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी दल या पद से जुड़े व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए.

निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल में धनपत चौधरी, सत्येंद्र आजाद, ददन पासवान, जवाहर पासवान, प्रवक्ता विनोद यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे.













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