कोरोना संकट में लोगों के लिए वरदान बनी प्रशासन मित्र टीम ..

टीम के सभी सदस्यों के नंबर जारी करते हुए बताया कि, प्रशासन मित्र के नाम से जाने जाने वाले टीम के सभी सदस्य लॉक डाउन की अवधि में जरूरतमंद लोगों के घरों तक आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाएंगे. लोग इसके लिए प्रशासन मित्र के सदस्यों को फोन कॉल कर सकते हैं.

- एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय के निर्देशन में बनाई गई है टीम
- लोगों को लॉक डाउन का अनुपालन कराने के लिए कर रही है प्रेरित

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए किए गए लॉक डाउन में एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में प्रशासन तथा जनता के बीच एक कड़ी का काम करते हुए आवश्यक सामानों की डोर स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित कराने के लिए युवाओं के एक दल को प्रशासन मित्र का रूप दिया गया है. सामाजिक कार्यों तथा गंगा स्वच्छता के लिए ब्रांड एंबेसेडर बन चुके सौरभ तिवारी टीम के लीडर हैं. उनके साथ-साथ युवा समाजसेवी स्नेहाशीष वर्धन इस टीम के को-ऑर्डिनेटर हैं. यह टीम लोगों को लॉक डाउन का अनुपालन करने में सहयोग कर रही है. 33 लोगों की इस टीम में शामिल युवा लोगों के घरों तक उनकी जरूरत का सामान केवल एक फोन पर पहुंचा देते हैं. इसके अतिरिक्त यह युवा रेडक्रॉस के माध्यम से भी जरूरतों तक खाद्यान्न इत्यादि पहुंचाने में मदद करते हैं. एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय ने टीम के सभी सदस्यों के नंबर जारी करते हुए बताया कि, प्रशासन मित्र के नाम से जाने जाने वाले टीम के सभी सदस्य लॉक डाउन की अवधि में जरूरतमंद लोगों के घरों तक आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाएंगे. लोग इसके लिए प्रशासन मित्र के सदस्यों को फोन कॉल कर सकते हैं.

रेडक्रास के सचिव सचिव डॉ. श्रवण कुमार तिवारी बताते हैं कोरोना वायरस से उपजे संकट काल के कारण किए गए लॉक डाउन में लोगों को घरों से निकलने की इजाजत नहीं दी जा रही. ऐसे में ये युवा घर-घर तक जाकर लोगों तक जरूरत की सामग्रियों को पहुंचा कर एक बेहतर संदेश दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि सभी युवा बिना किसी संगठन अथवा संस्था के बैनर के प्रशासन मित्र के रूप में लोगों को जरूरत के सामान पहुंचाने के साथ-साथ भटके हुए लोगों को आश्रय स्थल तक पहुंचाने एवं अन्य सहयोगात्मक कार्यों में हाथ बंटा रहे हैं.

इस बाबत पूछे जाने पर प्रशासन मित्र टीम के लीडर सौरभ तिवारी ने बताया कि, एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय ने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित करने के संदेश के साथ इस टीम का गठन किया ताकि, लोग अपने घरों में रहे तथा उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से टीम के सभी 33 सदस्यों का नंबर भी प्रसारित कराया. लोग अब उन्हें आर्डर देते हैं. इसके बाद 1 घरों तक आवश्यक सामानों को पहुंचाया जाता है. वहीं, लोगों के द्वारा दुकानदार के पेटीएम नंबर पर लोगों के द्वारा भुगतान कराया जाता है. हालांकि, जो लोग नगद भुगतान करते हैं उनसे नगद राशि भी दुकानदार तक पहुंचाई जाती है. इसके अतिरिक्त सड़क पर भटक रहे भिक्षुकों को चिन्हित कर आश्रय स्थल तक पहुंचाने का काम भी यह टीम कर रही है. साथ ही लोगों को घरों में रहने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पिछले 1 सप्ताह में 1 हज़ार लोगों को डोर स्टेप डिलीवरी और 600 लोगों को दवा के डिलीवरी की गई है. इसके साथ ही 150 भिक्षुक व बाहर से कार्य करने आए 28 लोगों को आश्रय स्थल तक पहुंचाया गया. इसके साथ ही 170 असहाय लोगों तक भोजन सामग्री भी समाज के सहयोग से पहुंचाई गई.














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