बताया कि गर्मी को देखते हुए लागू की गई प्रातःकालीन न्यायालय व्यवस्था अब समाप्त होने जा रही है. 29 जून से सभी अदालतें अपने नियमित समय पर कार्य करेंगी और न्यायिक प्रक्रिया पूर्ववत संचालित होगी. …
एक युवा जीवन का इस तरह समाप्त हो जाना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि पुत्र को खोने का दर्द किसी भी परिवार के लिए सबसे बड़ी त्रासदी होती है और इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है. …
कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया. वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रहित, राष्ट्रीय स्वाभिमान और अखंड …
मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार मंचों तक भी यह प्रकरण पहुंचने की चर्चा है. परिजनों और समर्थकों द्वारा न्याय की मांग लगातार उठाई जा रही है. अब सभी की निगाहें…
Social Plugin