वीडियो : कंबोडिया में फंसे बक्सर के दो मजदूर, परिजनों ने डीएम से लगाई गुहार ..

बताया कि उन्हें अपने भाई के साथ हुई घटना की जानकारी 19 फरवरी 2026 को मिली. इसके बाद उन्होंने इस मामले की सूचना स्थानीय सांसद के साथ-साथ विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है.


 






                                 





  • वीजा गड़बड़ी बताकर पकड़े जाने की बात, रिहाई के नाम पर मांगे जा रहे लाखों रुपये
  • साइबर ठगी गिरोह में शामिल होने का बनाया जा रहा दबाव, दलाल पर लगाया आरोप

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : रोज़गार की तलाश में विदेश गए बक्सर जिले के दो मजदूरों के कंबोडिया में फंसने की खबर सामने आने के बाद उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है. सोमवार को दोनों मजदूरों के परिजन जिलाधिकारी से मिले और मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की. परिजनों का कहना है कि वहां से लगातार फोन कर लाखों रुपये की मांग की जा रही है, जिससे पूरा परिवार परेशान है.

कोरान सराय क्षेत्र से पहुंचे गोविंद कुमार सिंह के भाई अनुज कुमार मौर्य ने बताया कि उन्हें अपने भाई के साथ हुई घटना की जानकारी 19 फरवरी 2026 को मिली. इसके बाद उन्होंने इस मामले की सूचना स्थानीय सांसद के साथ-साथ विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है.

गोविंद सिंह की पत्नी निभा कुमारी ने बताया कि उनके पति को कंबोडिया में वीजा से जुड़ी गड़बड़ी बताकर पकड़ लिया गया है. उन्हें छोड़ने के नाम पर कभी दो लाख तो कभी तीन लाख रुपये की मांग की जा रही है. निभा कुमारी के अनुसार वह गांव में छोटी सी पान दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करती हैं, ऐसे में इतनी बड़ी रकम जुटाना उनके लिए बेहद मुश्किल है.

इसी तरह नावानगर थाना क्षेत्र के कड़सर गांव निवासी विनोद कुमार चौधरी के पुत्र रोहित कुमार ने बताया कि उनके पिता 1 जनवरी को बक्सर से निकले थे और 3 जनवरी को कोलकाता से फ्लाइट लेकर कंबोडिया पहुंचे थे. फरवरी के पहले सप्ताह से वहां से फोन आना शुरू हुआ, जिसमें लगातार पैसों की मांग की जा रही है.

रोहित कुमार के अनुसार इंटरनेशनल कॉल पर उनके पिता ही बात करते हैं और बताते हैं कि उन्हें वहां पुलिस ने पकड़ रखा है. रिहाई के लिए पहले दो लाख रुपये, फिर चार लाख और अब छह लाख रुपये तक मांगे जा रहे हैं. हर बार अलग-अलग बैंक खाता नंबर भेजा जाता है और सभी खाते भारत के ही बताए जाते हैं, जिससे किसी गिरोह की भूमिका होने का शक जताया जा रहा है.

परिजनों का आरोप है कि महाराष्ट्र के संतोष चौपगार उर्फ लक्की नामक दलाल ने होटल में फूड पैकिंग या वेटर की नौकरी दिलाने और 75 से 80 हजार रुपये मासिक वेतन का झांसा देकर युवकों को टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेजा था. कंबोडिया पहुंचने के बाद युवकों पर साइबर ठगी से जुड़े गिरोह में काम करने का दबाव बनाया गया. विरोध करने पर उनका पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज जब्त कर उन्हें बंद कर दिया गया.

डीएम से मिलने पहुंचे लोगों में गोविंद सिंह की माता विमला देवी, भाई अखिलेश कुमार सिंह और अन्य परिजन शामिल थे. इस संबंध में जिला सूचना सह जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक वत्स ने बताया कि डीएम से मिलने पहुंचे लोगों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

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