बंगाल के हाईप्रोफाइल हत्याकांड में बक्सर कनेक्शन गहराया, सेंट्रल जेल से आरोपी को CBI ने लिया रिमांड पर ..

वह पिछले कुछ दिनों से शराब तस्करी के मामले में बक्सर सेंट्रल जेल में बंद था. सूत्रों के मुताबिक CBI को जांच के दौरान ऐसे कई अहम सुराग मिले हैं, जिनसे चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में उसकी संलिप्तता का संदेह गहराया है.

 





                               


- सुवेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में बिहार-यूपी नेटवर्क की जांच तेज
- शराब तस्करी केस में बक्सर जेल में बंद था आरोपी संजय राय, अब CBI की पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में अब बक्सर का नाम भी तेजी से उभरकर सामने आया है. गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी Central Bureau of Investigation (CBI) की दिल्ली टीम ने बक्सर सेंट्रल जेल पहुंचकर वहां बंद एक आरोपी से पूछताछ की और उसे न्यायालय से रिमांड पर लेकर दिल्ली रवाना हो गई. इस कार्रवाई के बाद यह मामला बिहार और उत्तर प्रदेश के आपराधिक नेटवर्क से जुड़ता नजर आ रहा है.

रिमांड पर लिया गया आरोपी संजय राय उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमानियां थाना क्षेत्र स्थित मतसा गांव का निवासी बताया जा रहा है. वह पिछले कुछ दिनों से शराब तस्करी के मामले में बक्सर सेंट्रल जेल में बंद था. सूत्रों के मुताबिक CBI को जांच के दौरान ऐसे कई अहम सुराग मिले हैं, जिनसे चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में उसकी संलिप्तता का संदेह गहराया है.

बताया जा रहा है कि 6 मई को पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में 42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह घटना बंगाल चुनाव नतीजों के दो दिन बाद हुई थी, जिससे मामला और भी हाईप्रोफाइल बन गया.

शराब के साथ पकड़ा गया था आरोपी

जानकारी के अनुसार, 11 मई को राजपुर पुलिस ने यूपी सीमा से सटे सायर घाट इलाके में रूटीन जांच के दौरान संजय राय को गिरफ्तार किया था. उसके पास से करीब पांच लीटर शराब बरामद हुई थी. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले कोई बड़ा आपराधिक मामला दर्ज नहीं था. हालांकि अब जांच एजेंसियों को शक है कि उसने जानबूझकर खुद को गिरफ्तार करवाया ताकि वह बक्सर सेंट्रल जेल में सुरक्षित रह सके.

शूटर नेटवर्क तक पहुंची जांच

CBI की जांच पहले ही यूपी के गाजीपुर निवासी विनय राय उर्फ पमपम तक पहुंच चुकी है, जिसे वाराणसी से गिरफ्तार किया गया था. विनय पर हत्या, हत्या की कोशिश और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं. एजेंसी अब उसके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है. सूत्रों के मुताबिक मोबाइल कॉल डिटेल, लेन-देन और आपराधिक संपर्कों से जुड़े कई ऐसे सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर संजय राय से पूछताछ बेहद अहम मानी जा रही है.

बक्सर से पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड में बक्सर का कनेक्शन इससे पहले भी सामने आ चुका है. बिहार STF और CBI की संयुक्त कार्रवाई में बक्सर से मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य को गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने दोनों आरोपियों को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और उसके क्रियान्वयन में कम से कम आठ लोग शामिल थे.

फर्जी नंबर प्लेट और डिजिटल ट्रेल से खुला राज

जांच में सामने आया कि हमलावरों ने वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की थी. हत्या में इस्तेमाल कार और बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी. कार का चेसिस और इंजन नंबर तक मिटा दिया गया था. हालांकि बाली टोल प्लाजा पर UPI पेमेंट के जरिए किए गए डिजिटल ट्रांजैक्शन से जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला, जिसके बाद एक-एक कर आरोपी एजेंसियों की पकड़ में आने लगे.

एयरफोर्स अफसर से बने थे सुवेंदु के करीबी सहयोगी

मृतक चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम के रहने वाले थे. वह पहले एयरफोर्स में अधिकारी रह चुके थे और VRS लेने के बाद राजनीति से जुड़े. वह कई वर्षों से Suvendu Adhikari के बेहद करीबी माने जाते थे और उनकी राजनीतिक टीम का अहम हिस्सा थे. शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल रहने वाले चंद्रनाथ की हत्या ने बंगाल की राजनीति में भी हलचल मचा दी है.













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