ढकाइच गोलीकांड : पुलिस ने संदिग्ध आरोपी के घर की महिलाओं को हिरासत में लिया तो बढ़ा तनाव ..

संदेह है कि स्थानीय निवासी योगेंद्र राय के पुत्र ने गोली चलाई थी जो युवक को लग गई. इसी संदेह के आधार पर पुलिस ने योगेंद्र राय तथा उनकी पत्नी समेत कुल चार लोगों को थाने में बैठाया है. 







                                       



- होली खेलने के दौरान चल गई थी गोली, युवक हो गया था घायल 
- पुलिस महानिदेशक के यहां शिकायत की तैयारी

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के कृष्णाब्रह्म थाना अंतर्गत बड़की ढकाइच गांव में होली खेलने के दौरान हुई गोलीबारी मामले में पुलिस ने गांव के ही योगेंद्र दुबे तथा उनके परिवार के चार महिलाओं को हिरासत में ले लिया है. फिलहाल उन्हें थाने में बैठाया गया है पुलिस का कहना है कि उनसे पूछताछ के लिए उन्हें थाने में लाया गया है. उधर इस घटना के सामने आने के बाद गांव में तनाव का माहौल है. लोगों का कहना है कि होली के दिन इस तरह से किसी के घर की महिलाओं को थाने में लाकर बैठाना कहीं से भी उचित नहीं है. पुलिस को अगर पूछताछ करनी ही थी तो घर पर भी की जा सकती थी. उधर वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर पुलिस महानिदेशक से बातचीत करेंगे क्योंकि पुलिस जनता के सहयोग के लिए होती है ना कि अपनी मनमानी के लिए. 

दरअसल, बड़की ढकाइच गांव में दिन में तकरीबन ढाई बजे होली खेलने के दौरान आपसी विवाद में गोली चलाई गई थी. गोली लगने से गांव के ही वीर बहादुर दुबे उर्फ वीर बहादुर राय का 23 वर्षीय पुत्र भोला उर्फ कल्लू घायल हो गया था. बेहतर इलाज के लिए अन्यत्र ले जाया गया है. 

पुलिस को संदेह है कि स्थानीय निवासी योगेंद्र राय के पुत्र ने गोली चलाई थी जो युवक को लग गई. इसी संदेह के आधार पर पुलिस ने योगेंद्र राय तथा उनकी पत्नी समेत कुल चार लोगों को थाने में बैठाया है. 

आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा यह नागरिक अधिकारों का हनन : 

इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय ने कहा है कि योगेंद्र दुबे जिनके परिवार की महिलाओं को थाने में ले जाया गया है वह उनके परिचित है. उन्होंने जब इस घटना की जानकारी उन्हें दी उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ, क्योंकि उनका कहना है कि वह पुलिस का सहयोग करने के लिए तैयार है, लेकिन पुलिस इन सब बातों को दरकिनार करते हुए उनके साथ-साथ उनके घर की महिलाओं को भी थाने में लेकर चली आई. निश्चित रूप से यह नागरिक अधिकारों का हनन है. 

मामले में डुमरांव एसडीपीओ पोलस्त कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है. महिलाओं को पूछताछ के लिए थाने में लाया गया है.









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