सम्मान उनके जल संरक्षण और जलापूर्ति व्यवस्था में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला. उनके कार्यों की सराहना न केवल गांव में बल्कि पूरे डुमरांव प्रखंड में हो रही है. ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है.
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- नई दिल्ली के विज्ञान भवन में जल महोत्सव 2026 के दौरान राष्ट्रपति की मौजूदगी में मिला सम्मान.
- गांव में जल संरक्षण और बेहतर आपूर्ति व्यवस्था से बनी मिसाल, क्षेत्र में खुशी की लहर.
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के डुमरांव प्रखंड के चंदा गांव के वार्ड सदस्य को जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जिससे पूरे इलाके में गर्व और खुशी का माहौल है. नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित जल महोत्सव 2026 के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में यह सम्मान प्रदान किया गया.
चंदा गांव निवासी वार्ड सदस्य धनजी सिंह को यह सम्मान उनके जल संरक्षण और जलापूर्ति व्यवस्था में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला. उनके कार्यों की सराहना न केवल गांव में बल्कि पूरे डुमरांव प्रखंड में हो रही है. ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है.
जल महोत्सव पखवाड़ा के तहत देशभर से उन लोगों का चयन किया गया, जिन्होंने जल संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में विशेष कार्य किए हैं. धनजी सिंह ने जल-नल योजना के तहत पंप ऑपरेटर के रूप में कार्य करते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने, समय-समय पर रखरखाव करने और पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
ग्रामीणों के अनुसार वे नियमित रूप से जलापूर्ति प्रणाली की निगरानी करते हैं और कहीं भी पाइपलाइन में लीकेज या तकनीकी खराबी होने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना देकर उसे ठीक करवाते हैं. इससे न सिर्फ पानी की बर्बादी रुकती है बल्कि लोगों को समय पर स्वच्छ पेयजल भी उपलब्ध हो पाता है. इसके साथ ही वे गांव के लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने का कार्य भी लगातार करते रहे हैं.
बताया जाता है कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने उनके कार्यों को देखते हुए इस सम्मान के लिए अनुशंसा की थी. 6 मार्च को कार्यपालक अभियंता द्वारा पटना को भेजे गए पत्र में उनके योगदान का विस्तार से उल्लेख किया गया था.
धनजी सिंह को मिले इस सम्मान से चंदा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर है. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं. यह सम्मान आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगा और जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करेगा.




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