सलाखों के पीछे गूंजा योग का मंत्र, बंदियों ने सीखी तनावमुक्त जीवन की राह ..

इस बार सैकड़ों बंदी योग, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति करते दिखाई दिए. जेल प्रशासन और द आर्ट ऑफ लिविंग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस विशेष योग शिविर में बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया.

 




                              




  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बक्सर सेंट्रल जेल में भव्य योग शिविर, सैकड़ों बंदियों ने लिया हिस्सा
  • आर्ट ऑफ लिविंग की वर्षा पांडेय ने कहा- मन को आजाद कर देता है योग, बदल सकता है जीवन की दिशा

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को बक्सर सेंट्रल जेल का माहौल पूरी तरह योगमय हो गया. आम दिनों में जहां जेल परिसर में सुरक्षा और अनुशासन की गतिविधियां नजर आती हैं, वहीं इस बार सैकड़ों बंदी योग, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति करते दिखाई दिए. जेल प्रशासन और द आर्ट ऑफ लिविंग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस विशेष योग शिविर में बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया.

कार्यक्रम का नेतृत्व द आर्ट ऑफ लिविंग की वरिष्ठ फैकल्टी एवं योग विशेषज्ञ वर्षा पांडेय ने किया. उन्होंने बंदियों को सूक्ष्म व्यायाम, विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान का अभ्यास कराया. योग सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि सलाखें केवल शरीर को सीमित कर सकती हैं, लेकिन मन और आत्मा को कभी कैद नहीं कर सकतीं. योग व्यक्ति को भीतर के तनाव, क्रोध और नकारात्मकता से मुक्त कर मानसिक स्वतंत्रता प्रदान करता है.

योग से बदल सकती है जीवन की दिशा

वर्षा पांडेय ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियां क्यों न आई हों, योग और ध्यान के माध्यम से हर व्यक्ति अपने वर्तमान को बेहतर और भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है. उन्होंने नियमित योग अभ्यास को मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया.

बंदियों के स्वास्थ्य को लेकर सजग है प्रशासन

कार्यक्रम में मौजूद जेल सुपरिटेंडेंट ज्ञानिता गौरव ने कहा कि जेल प्रशासन बंदियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है. योग और ध्यान जैसे कार्यक्रम न केवल तनाव और अवसाद को कम करते हैं, बल्कि बंदियों के भीतर सकारात्मक सोच विकसित कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित भी करते हैं. उन्होंने सफल आयोजन के लिए वर्षा पांडेय और उनकी टीम का आभार जताया.

शांति और सुकून के साथ हुआ समापन

योग शिविर के समापन पर बंदियों के चेहरों पर संतोष और आत्मविश्वास झलक रहा था. तकरीबन 150 बंदियों ने योग प्रशिक्षण लिया. पूरे परिसर में सकारात्मकता और शांति का वातावरण महसूस किया गया. कार्यक्रम में जेल सुपरिटेंडेंट ज्ञानिता गौरव, डिप्टी सुपरिटेंडेंट सहित कई पदाधिकारी, सुरक्षाकर्मी एवं बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे. जेल प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे सुधारात्मक और स्वास्थ्यवर्धक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता जताई.













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