विभागीय अधिकारियों अथवा एजेंसी संचालकों को कोई जानकारी नहीं हुई है. जिसके कारण अंतिम तिथि के 1 दिन पूर्व तक विभाग द्वारा इस मसले पर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं आने पर बक्सर के कई डीलरों ने बीएस-4 मॉडल वाहनों को अपने कर्मचारियों अथवा निर्माता कंपनी के नाम ही पंजीकृत करा दिया है.
- जिले में अंतिम समय तक नहीं स्पष्ट है स्थिति.
- एजेंसी संचालकों ने कर्मियों के नाम पर निबंधित कराई गाड़ियां
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: ऑटो इंडस्ट्री में 1 अप्रैल से आने वाले बदलाव के बीच कोरोना वायरस के कारण हुए लॉक डाउन ने ऑटो एजेंसी संचालकों की कमर तोड़कर रख दी है. दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक कोई भी निर्माता अथवा डीलर 1 अप्रैल 2020 को या उसके बाद बीएस-4 वाहनों को बेच या पंजीकृत नहीं करा सकता. सभी बीएस-4 वाहनों को 31 मार्च 2020 के भीतर पंजीकृत कराना है. ऐसे में जो लोग 31 मार्च तक वाहनों को बेचने में असफल होंगे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
बताया जा रहा है कि, 1 अप्रैल 2020 के बाद बीएस-4 मॉडल के जो भी वाहन बचे होंगे उन वाहनों को केवल स्क्रैप के रूप में बेचा जा सकता है. हालांकि, यह भी बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने लॉक डाउन के बाद 10 दिनों की मोहलत और दी है लेकिन, इस संदर्भ में बक्सर में विभागीय अधिकारियों अथवा एजेंसी संचालकों को कोई जानकारी नहीं हुई है. जिसके कारण अंतिम तिथि के 1 दिन पूर्व तक विभाग द्वारा इस मसले पर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं आने पर बक्सर के कई डीलरों ने बीएस-4 मॉडल वाहनों को अपने कर्मचारियों अथवा निर्माता कंपनी के नाम ही पंजीकृत करा दिया है. फिर भी अभी बहुत सारे वाहन ऐसे हैं जिनका पंजीकरण नहीं हो सका है जिसको लेकर एजेंसी संचालक चिंता में हैं.
इस बाबत बात करते हुए पाहवा होंडा के प्रोपराइटर राजा पाहवा ने बताया कि, निर्देशों के मुताबिक किसी भी सूरत में 1 अप्रैल से बीएस-6 वाहनों की बिक्री ही हो सकेगी. ऐसे में जो भी स्टॉक उनके पास बचा था उन्हें आनन-फानन में एजेंसी के कर्मियों अथवा कंपनी के नाम पर ही निबंधित करा दिया गया है. ऐसे में अब वाहनों को सेकंड पार्टी के नाम पर ट्रांसफर कर बेचा जा सकता है हालांकि, इस प्रक्रिया के कारण काफी नुकसान होने की संभावना है.
एक माह में बिकी डेढ़ हजार से ज्यादा गाड़ियां:
परिवहन विभाग के सूत्रों की मानें तो पिछले 1 महीने में तकरीबन डेढ़ हजार से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री जिले में की गई है। टीवीएस, होंडा, हीरो, बजाज, समेत कार निर्माता कंपनी मारुति के निबंधन के आंकड़ों से यह बात स्पष्ट हो जाती है. बताया जा रहा है कि, अंतिम 2 दिनों के भीतर सर्वाधिक निबंधन के आवेदन विभाग को मिले हैं.
कहते हैं अधिकारी:
एजेंसी संचालकों को पूर्व में ही सरकारी निर्देशों से अवगत कराया जा चुका था. बावजूद इसके जो गाड़ियां नहीं बिक सकी हैं उनकी बिक्री अब 1 अप्रैल से नहीं की जाएगी. मंगलवार को दिन में 11 बजे तक कोई निर्देश विभाग की तरफ से नहीं आया था. हालांकि, यदि कोई निर्देश आता है तो उससे तुरंत ही एजेंसी संचालकों को अवगत करा दिया जाएगा.
मनोज रजक,
जिला परिवहन पदाधिकारी, बक्सर













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