उफ्फ ! पुत्र ने काट डाला माँ का गला ..

भाई ने भी काशीनाथ को डांटा-फटकारा जिससे कि, वह रुष्ट हो गया. बाद में मौका देखकर उसने घर में सो रही अपनी मां सुभागिया देवी (72 वर्ष) पर कुदाल का प्रहार कर दिया. कुदाल सीधे वृद्धा के गले पर लगी जिससे कि, मौके पर ही मौत हो गई.

- धनसोई थाना क्षेत्र के समहुता पंचायत का है मामला.
- खेतों से चने की फसल उखाड़ने को लेकर हुए विवादके दिया घटना को अंजाम.

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: धनसोई थाना क्षेत्र के समहुता टोला गांव में एक बड़ा ही दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है. इस घटना में एक पुत्र ने अपनी ही मां को कुदाल से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया है. बताया जा रहा है कि, स्थानीय निवासी एक व्यक्ति व्यक्ति ने आपसी विवाद में इस घटना को अंजाम दिया. मां की हत्या के बाद वह अपनी पत्नी को मारने के लिए भी दौड़ा लेकिन पत्नी भाग निकली. बाद में परिजनों तथा स्थानीय लोगों की सूचना पर तुरंत पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया वही भाग रहे आरोपी को भी हिरासत में ले लिया.

घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक स्थानीय निवासी सुरेश चौधरी का पुत्र काशीनाथ चौधरी (40 वर्ष) गांव के किसी किसान के खेत से कचरी (चने का पौधा) उखाड़ रहा था, इसी बीच खेत के मालिक ने उसे देख लिया और डांट-फटकार लगाते हुए पिटाई भी कर दी तथा इसकी सूचना उसके भाई तथा अन्य परिजनों को भी दे दी. भाई ने भी काशीनाथ को डांटा-फटकारा जिससे कि, वह रुष्ट हो गया. बाद में मौका देखकर उसने घर में सो रही अपनी मां सुभागिया देवी (72 वर्ष) पर कुदाल का प्रहार कर दिया. कुदाल सीधे वृद्धा के गले पर लगी जिससे कि, मौके पर ही मौत हो गई.

इस घटना को अंजाम देने के बाद काशीनाथ चौधरी अपनी पत्नी की तरफ लपका लेकिन पत्नी किसी तरह जान बचाकर घर से बाहर निकली और शोर मचाने लगी लोगों को जुटता देख काशीनाथ चौधरी भागने लगा. इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी. सूचना मिलते ही धनसोई थाना अध्यक्ष बिगाऊ राम सदल बल मौके पर पहुंचे तथा भाग रहे काशीनाथ चौधरी को पकड़ लिया. काशीनाथ ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है जिसके बाद उसे हिरासत में लेते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

इस बाबत थानाध्यक्ष ने बताया कि शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. वहीं, आरोपित को हिरासत में ले लिया गया है. परिजनों द्वारा आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी.

दूसरी तरफ इस लोमहर्षक घटना के प्रकाश में आने के बाद स्थानीय ग्रामीण इसके काफी निंदा कर रहे हैं. पारिवारिक सूत्रों की माने तो काशीनाथ चौधरी विगत कुछ दिनों से मानसिक रूप से अस्वस्थ था. हालांकि, वह इस तरह का घृणित कार्य करेगा ऐसा किसी ने नहीं सोचा था.













Post a Comment

0 Comments