पत्र में लिखा – "ड्यूटी से लौटने के बाद मैं बैरक में गया और पूरी रात रोता रहा. इस घटना से मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है. मैं अब जीना नहीं चाहता."
- रात्रि में गाली-गलौज, मारपीट और रायफल छीनकर गोली मारने की धमकी देने का आरोप
- सिपाही विनोद कुमार बोले – "मुझे घसीटते हुए मैगजीन तक ले जाया गया, पूरी रात रोता रहा"
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : पुलिस केंद्र में एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें सिपाही विनोद कुमार ने अपने वरिष्ठ अधिकारी परिचारी प्रवर मनोरंजन कुमार पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है. उन्होंने पुलिस अधीक्षक को एक पत्र लिखकर इस घटना की जानकारी दी और मामले में कार्रवाई की मांग की है.
सिपाही विनोद कुमार, जो वर्तमान में दिवा शाखा, पुलिस केंद्र बक्सर में प्रतिनियुक्त हैं, ने अपने आवेदन में बताया कि 2 अप्रैल 2025 को पैक्स उपचुनाव के कारण पुलिस बल को सुबह से ही ड्यूटी पर तैनात किया गया था. रात में राउंड चेकिंग और गश्ती के लिए सीमित बल मौजूद था. इसी दौरान, रात करीब 10:10 से 10:20 के बीच, परिचारी प्रवर (सार्जेंट मेजर) मनोरंजन कुमार ने उन्हें फोन कर बुलाया और गाली-गलौज करने लगे.
"गोली मार दूंगा!" – रायफल छीनने का प्रयास
विनोद कुमार के अनुसार, जब वह दिवा कार्यालय पहुंचे, तो परिचारी प्रवर ने गाड़ी से उतरते ही मां-बहन की गालियां देनी शुरू कर दीं. इस दौरान, उन्होंने ड्यूटी में तैनात सिपाही आदित्य सैगल से कहा कि "गोली मार दूंगा!" और उनकी रायफल छीनने की कोशिश की. लेकिन आदित्य सैगल ने किसी तरह रायफल को अपने पास सुरक्षित रखा.
गर्दन दबाकर घसीटा, दी हत्या की धमकी
विनोद कुमार ने बताया कि जब उन्होंने स्थिति को भांपते हुए दूरी बनाने की कोशिश की, तो परिचारी प्रवर उनके पास आए और गर्दन दबाकर मारपीट शुरू कर दी. इतना ही नहीं, उन्होंने गर्दन पकड़कर मैगजीन की ओर घसीटते हुए ले जाना शुरू कर दिया और कहा – "चलो, मैगजीन पर गोली मारता हूं!"
घटना स्थल पर सिपाही संतोष कुमार दत्त भी मौजूद थे, लेकिन परिचारी प्रवर की आक्रामकता के कारण कोई भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया.
"एसपी को बताओगे तो बताओ, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता"
विनोद कुमार ने बताया कि परिचारी प्रवर उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर ड्यूटी पर ले गए. इस दौरान, उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा – "एसपी को बताओगे तो बताओ, देख लेंगे कि एसपी क्या कर लेगा."
घटना के समय वाहन चालक हवलदार विजय कुमार भी परिचारी प्रवर के वाहन में तैनात थे, जो इस पूरी घटना के गवाह बने.
"मैं पूरी रात रोता रहा, अब जीना नहीं चाहता"
इस भयावह घटना से मानसिक रूप से आहत विनोद कुमार ने अपने पत्र में लिखा – "ड्यूटी से लौटने के बाद मैं बैरक में गया और पूरी रात रोता रहा. इस घटना से मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। मैं अब जीना नहीं चाहता."
प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग, उच्च अधिकारियों को भेजी शिकायत
विनोद कुमार ने पुलिस अधीक्षक से इस घटना को गंभीरता से लेने और न्याय दिलाने की मांग की है. उन्होंने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुमति भी मांगी है.
इसके अलावा, उन्होंने इस शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक, पुलिस उप महानिदेशक (मुख्यालय), पुलिस महानिरीक्षक (राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो) और पुलिस उप-महानिरीक्षक (शाहबाद क्षेत्र) को भी भेजी है, ताकि इस मामले में उचित कार्रवाई हो सके.
उधर इस मामले में पुलिस काफी गोपनीयता बरत है माना जा रहा है कि मामले की लीपापोती का भी प्रयास किया जा रहा है। इस संदर्भ में एसपी शुभम आर्य के दोनों सरकारी नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं होने के कारण उनका पक्ष ज्ञात नहीं हो सका.
0 Comments