कहा कि भागवत कथा केवल कथा सुनाना नहीं, बल्कि भक्ति, धर्म और जीवन मूल्यों का संदेश देती है. उन्होंने बताया कि कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के सभी पाप नष्ट होते हैं और आत्मा को शुद्धि प्राप्त होती है.
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| कथा कहते आचार्य |
- जगतगुरु बिहारी जी महाराज के सानिध्य में यज्ञ और कथा का आयोजन जारी
- धर्मेंद्राचार्य जी महाराज के श्रीमुख से भक्तों को प्राप्त हुआ आध्यात्मिक अनुभव
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : सिद्धनाथ घाट स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन श्रद्धा और भक्ति के उत्साह से भरा रहा. इस अवसर पर श्री श्री 1008 जगद्गुरु श्री बिहारी जी महाराज के सानिध्य में यज्ञ अनुष्ठान जारी रहा, वहीं वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के भूतपूर्व कुलपति जगद्गुरु श्री श्री 1008 धर्मेंद्राचार्य जी महाराज के श्रीमुख से कथा का प्रसंग सुनाया गया.
तीसरे दिन कथा में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का वर्णन किया गया, जिसमें आचार्यों ने बताया कि यह विवाह धर्म, प्रेम और सृष्टि के संतुलन का प्रतीक है.
धर्मेंद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल कथा सुनाना नहीं, बल्कि भक्ति, धर्म और जीवन मूल्यों का संदेश देती है. उन्होंने बताया कि कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के सभी पाप नष्ट होते हैं और आत्मा को शुद्धि प्राप्त होती है.
यज्ञ के दौरान यज्ञपुरुष भगवान, मंडप देवता और वेदिका का पूजन विधिवत संपन्न हुआ और सभी श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर पुण्य लाभ अर्जित किया. आयोजन समिति की तरफ से आचार्य संजय ओझा उपाचार्य अखिलेश पांडेय, पंडित चंद्रमणि तिवारी पंडित चंद्र भूषण चौबे पंडित ओम जी चौबे पंडित शेखर तिवारी, शिवजी बाबा, अमलेश्वर उपाध्याय, गणेश मिश्र, संजय ओझा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने आयोजन की सफलता में सहयोग करने का संकल्प लिया.
आयोजन समिति ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर महालक्ष्मी यज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा का लाभ उठाएं और धर्म, भक्ति एवं आध्यात्मिक पुण्य अर्जित करें.




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