इस अवसर पर आयोजित सत्संग सह श्रद्धांजलि सभा में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए महान शिक्षाविद् की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाजसेवी और शुभचिंतक उपस्थित रहे.
- महान शिक्षाविद् की स्मृति में दो मिनट का मौन, तैलचित्र पर पुष्प अर्पित
- परिजनों व ग्रामीणों ने कहा – शिक्षा और सत्संग से समाज परिवर्तन का दिया संदेश
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के राजपुर प्रखंड अंतर्गत सिकठी गांव में पूर्व शिक्षक और आकांसा ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे सुदामा सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. इस अवसर पर आयोजित सत्संग सह श्रद्धांजलि सभा में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए महान शिक्षाविद् की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाजसेवी और शुभचिंतक उपस्थित रहे.
पुण्यतिथि समारोह की अध्यक्षता आकांसा ट्रस्ट के सचिव ई. रवि प्रकाश ने की. कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय सुदामा सिंह के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई. इसके बाद सत्संग के माध्यम से उनके विचारों और जीवन मूल्यों को साझा किया गया. वक्ताओं ने कहा कि सुदामा सिंह न केवल एक समर्पित शिक्षक थे, बल्कि वे समाज को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी थे.
सभा को संबोधित करते हुए उपस्थित लोगों ने कहा कि मास्टर साहब नेक दिल इंसान थे. वे हमेशा लोगों को शिक्षित करने और सत्संग के माध्यम से समाज में अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करते रहते थे. शिक्षा को उन्होंने केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि व्यवहारिक जीवन में भी उसके महत्व को समझाया.
इस अवसर पर उनके पुत्र पूर्व जिला पार्षद सुनील यादव और इंजीनियर रवि प्रकाश ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी पिताजी समाज में बदलाव लाने के लिए सत्संग और शिक्षा को माध्यम बनाते रहे. उन्होंने जीवन भर शिक्षा का अलख जगाने का कार्य किया और अपने शिक्षक जीवन में छात्रों को नैतिक, सामाजिक और व्यवहारिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया.
श्रद्धांजलि सभा में राधिका देवी, मुन्ना ठाकुर, मिथलेश यादव, सत्संगी हरसूदयाल महात्मा, श्याम सुंदर जी, सुनील कुमार, लालजी राम, नंदजी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे.




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