हंगामे का असर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी पड़ा और बुधवार को दिनभर चिकित्सा सेवाएं प्रभावित रहीं. सूचना पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और सड़क जाम हटवाया गया.

- लापरवाही के आरोप में परिजनों ने सासाराम–बक्सर मुख्य मार्ग किया जाम, घंटों ठप रहा यातायात
- प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद खुला रास्ता, ओपीडी सेवा पूरे दिन रही प्रभावित
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सदर अस्पताल में मंगलवार की रात इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सासाराम–बक्सर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे देर रात से लेकर बुधवार की सुबह तकरीबन 10 बजे तक यातायात बाधित रहा. हंगामे का असर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी पड़ा और बुधवार को दिनभर चिकित्सा सेवाएं प्रभावित रहीं. सूचना पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और सड़क जाम हटवाया गया.
मामले में मिली जानकारी के अनुसार तियरा गांव निवासी राजेश कुमार सिंह की पत्नी देवंती देवी को मंगलवार की रात करीब 11 बजे अचानक उल्टी और बार-बार दस्त की शिकायत हुई. हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए बक्सर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद पर्ची लिखकर सहयोगी स्टाफ को दे दी.
आरोप - इंजेक्शन लगाते ही हुई मौत, यह लापरवाही
राजेश कुमार सिंह के अनुसार पर्ची के अनुसार पहले एक इंजेक्शन लगाया गया और कुछ देर बाद दूसरा इंजेक्शन भी दिया गया. इसके बाद उनकी पत्नी की हालत और बिगड़ गई और कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई. उनका आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती गई, जिससे यह स्थिति बनी.
अस्पताल की स्ट्रेचर, तथा दुकानों की बेंच सड़क पर रखी और कर दिया सड़क जाम
महिला की मौत के बाद परिजन भड़क उठे. बुधवार की अहले सुबह उन्होंने अस्पताल के सामने सासाराम–बक्सर मुख्य मार्ग पर स्ट्रेचर, पास की दुकानों के बेंच और अन्य सामान रखकर रास्ता पूरी तरह जाम कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए. परिजनों की मांग थी कि मामले की जांच कर दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई की जाए.
अधिकारियों के आश्वासन पर माने लोग
सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया. हालांकि परिजन मानने को तैयार नहीं थे. इसके बाद सदर एसडीएम अविनाश कुमार, एसडीपीओ गौरव पांडेय, नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे. अधिकारियों के समझाने के बाद परिजन शांत हुए और सड़क जाम हटाया गया.
पूरे दिन बंद रही चिकित्सा सेवा, लौटते रहे मरीज
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. वहीं, हंगामे की वजह से बुधवार को सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा बाधित रही और लोग परेशान रहे. कई मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा. पूरे मामले को लेकर शहर में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा.
कहते हैं चिकित्सक, ऐसी परिस्थिति में काम करना मुश्किल :
27 वर्षीय महिला इलाज के लिए आई थी, उनको कई उल्टियां हुई थीं तथा उनका ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ा था, जो कि 230/175 था. ऐसे में उन्हें जीएनएम सुजीत कुमार के द्वारा गैस तथा उल्टी की सुई दिलवाई गई, लेकिन उन्हें संभवतः ब्रेन हेमरेज हो गया, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई. हालांकि इसके बाद परिजन उलझ गए और मारपीट करने लगे. बाद में नगर थाने को सूचना दी गई, जिसके बाद मैं पुलिस अभिरक्षा में वहां से निकला. इस मामले में नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी, क्योंकि ऐसे हालातों में काम करना मुश्किल हो जाएगा.



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