बताया कि आशा कार्यकर्ता की सलाह पर शनिवार सुबह पत्नी को नया बाजार स्थित वाराणसी अस्पताल ले जाया गया. वहां इलाज शुरू करने से पहले 30 हजार रुपये जमा कराए गए और कागजी प्रक्रिया पूरी कराई गई. इसके बाद ऑपरेशन किया गया.
- सदर अस्पताल से निजी नर्सिंग होम तक इलाज की कड़ी पर उठे गंभीर सवाल
- ऑपरेशन के बाद बच्चा सुरक्षित, परिजनों का दावा—मां की पहले ही हो चुकी थी मौत
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर थाना क्षेत्र के नया बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को डिलीवरी के दौरान 24 वर्षीय महिला की मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल को घेर लिया और जमकर हंगामा किया. सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराते हुए मामले की जांच शुरू की. देर रात तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.
घटना में मृत महिला की पहचान गुड़िया देवी, पति मनोज कुमार राम के रूप में हुई है, जो वार्ड संख्या-04 के डीपीएस गली की रहने वाली थीं. परिजनों के अनुसार 1 जनवरी को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. एक दिन इलाज के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ. आरोप है कि सदर अस्पताल के इलाज और रवैये से असंतुष्ट होकर बाहर डिलीवरी कराने का फैसला लिया गया.
मृतका के पति मनोज कुमार राम ने बताया कि आशा कार्यकर्ता की सलाह पर शनिवार सुबह पत्नी को नया बाजार स्थित वाराणसी अस्पताल ले जाया गया. वहां इलाज शुरू करने से पहले 30 हजार रुपये जमा कराए गए और कागजी प्रक्रिया पूरी कराई गई. इसके बाद ऑपरेशन किया गया.
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद बच्चा सुरक्षित पैदा हुआ, लेकिन महिला की हालत गंभीर बताकर रेफर करने की बात कही गई. इस दौरान कोई लिखित रेफर पर्ची नहीं दी गई. मृतका की मां ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान ही उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी और सच्चाई छिपाने के लिए रेफर का बहाना बनाया गया. उन्होंने डॉक्टरों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि ऑपरेशन के तुरंत बाद डॉक्टर अस्पताल से गायब हो गए.
मौके पर मौजूद अस्पताल के एक स्टाफ ने बताया कि ऑपरेशन सदर अस्पताल से जुड़े डॉक्टर नमिता सिंह और डॉ. अभिषेक कुमार ने किया था, जबकि अस्पताल का संचालन गोविंद कुमार कर रहे हैं, जो स्वयं सदर अस्पताल के कर्मी बताए जा रहे हैं. इस खुलासे के बाद सदर अस्पताल की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है.
वार्ड पार्षद राजकुमार राय उर्फ झब्बू राय ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषी अस्पताल और डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है. पुलिस जांच में जुटी है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.




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