मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन की सुविधा दी गई है. इसके बाद उत्तरदाता को अपने घर की लोकेशन जीपीएस के जरिए चिन्हित करनी होगी और निर्धारित प्रश्नावली भरनी होगी. प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक यूनिक रेफरेंस आईडी जनरेट होगी.
- 17 अप्रैल से 1 मई तक खुलेगा स्वगणना पोर्टल, 2 मई से शुरू होगा फील्ड कार्य
- मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप से 24×7 सुविधा, डेटा की शुद्धता पर रहेगा विशेष जोर
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जनगणना 2027 को लेकर इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. पहली बार आम नागरिकों को ‘स्वगणना’ की सुविधा दी जा रही है, जिसके तहत लोग खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे. जिला प्रशासन ने इसे पारदर्शिता और तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.
प्रशासन के अनुसार, जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य 2 मई से 31 मई 2026 तक किया जाएगा. इससे पहले 17 अप्रैल से 1 मई तक स्वगणना के लिए विशेष पोर्टल उपलब्ध रहेगा. इस अवधि में कोई भी परिवार मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप के माध्यम से अपनी जनगणना से जुड़ी पूरी जानकारी स्वयं भर सकता है.
स्वगणना पोर्टल: se.census.gov.in
इस वेबसाइट पर जाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से लॉगिन कर अपनी जानकारी दर्ज कर सकता है.
स्वगणना प्रक्रिया को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन की सुविधा दी गई है. इसके बाद उत्तरदाता को अपने घर की लोकेशन जीपीएस के जरिए चिन्हित करनी होगी और निर्धारित प्रश्नावली भरनी होगी. प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक यूनिक रेफरेंस आईडी जनरेट होगी, जो एसएमएस या ईमेल के माध्यम से भेजी जाएगी.
यह पोर्टल हिंदी, अंग्रेजी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध रहेगा. इसमें रेस्पॉन्सिव डिजाइन और टूलकिट का उपयोग किया गया है, जिससे सवालों को समझना और जवाब देना आसान होगा. साथ ही, स्वगणना से प्राप्त डेटा को प्रारंभिक रूप से अलग सर्वर पर सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
स्वगणना के कई लाभ बताए गए हैं. इससे डेटा संग्रह की प्रक्रिया तेज होगी, त्रुटियों में कमी आएगी और व्यस्त या प्रवासी परिवारों को 24 घंटे सुविधा मिल सकेगी.
जिला पदाधिकारी साहिला ने कहा कि “स्वगणना जनगणना प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक और आधुनिक पहल है. इससे आम लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और डेटा की गुणवत्ता में सुधार होगा. सभी नागरिकों से अपील है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जिले की सटीक तस्वीर सामने आ सके.”






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