दोपहर बाद जब उसकी दो सहेलियां उससे मिलने पहुंचीं तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. कई बार आवाज देने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने संस्थान प्रशासन को सूचना दी.
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की छात्रा थी, कावेरी हॉस्टल के कमरे में हुई घटना
- परिजनों में मातम, पुलिस जांच में जुटी, कारण अब तक स्पष्ट नहीं
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के बसौली गांव की रहने वाली एक छात्रा की हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा का शव उसके कमरे में मिला, जिससे परिवार और संस्थान में शोक और सवालों का माहौल बन गया है. परिजनों ने घटना की जांच की मांग की है.
बताया जाता है कि शशि दूबे तथा पूनम दूबे की पुत्री दीक्षा दुबे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कुरुक्षेत्र में बीटेक के दूसरे वर्ष में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस की पढ़ाई कर रही थी. वह कावेरी हॉस्टल के कमरा नंबर 441 में रहती थी.
रिश्तेदार तथा भाजपा नेता दीपक दूबे के अनुसार, 16 अप्रैल को दीक्षा रोज की तरह अपनी क्लास अटेंड कर कमरे में लौटी थी. दोपहर बाद जब उसकी दो सहेलियां उससे मिलने पहुंचीं तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. कई बार आवाज देने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने संस्थान प्रशासन को सूचना दी.
प्रशासन मौके पर पहुंचा और खिड़की से अंदर झांकने पर दीक्षा का शव पंखे से लटका हुआ दिखा. यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए. तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे को सील कर दिया गया. फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है. कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे इस घटना के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है.
घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजन रात तक कुरुक्षेत्र पहुंच गए. बताया जा रहा है कि फरवरी से अप्रैल के बीच संस्थान में इस तरह की यह चौथी घटना है, जिससे छात्रों और प्रशासन के बीच चिंता बढ़ गई है.
बाद में दीक्षा का अंतिम संस्कार बक्सर के मुक्ति धाम में किया गया, जहां पिता ने अपनी होनहार बेटी को मुखाग्नि दी.
दीक्षा की असमय मौत ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे संस्थान को गहरे सदमे में डाल दिया है. हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों ने एक प्रतिभाशाली छात्रा को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया.






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