अपने पेशेवर जीवन में ईमानदारी और समर्पण के साथ न्यायिक कार्यों का निर्वहन किया. अधिवक्ताओं ने कहा कि उनके निधन से अधिवक्ता समाज को अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है.
- जिला अधिवक्ता संघ के निर्णय के आलोक में न्यायिक कार्य नहीं करेंगे अधिवक्ता
- सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे दिवंगत अधिवक्ता विनय कुमार दुबे
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : व्यवहार न्यायालय बक्सर के वरिष्ठ अधिवक्ता विनय कुमार दुबे तथा वर्ष 1995 से कार्यरत विनय कुमार दूबे का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया. उनके निधन की खबर मिलते ही न्यायालय परिसर और अधिवक्ता समाज में शोक की लहर दौड़ गई. इस दुखद घटना के बाद जिला अधिवक्ता संघ ने निर्णय लिया कि सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से खुद को अलग रखेंगे और दिवंगत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसके तहत गुरुवार 2 अप्रैल को पूरे दिन न्यायालय में किसी भी प्रकार के न्यायिक कार्य नहीं किए जायेंगे.
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला अधिवक्ता संघ के सचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय ने बताया कि स्वर्गीय विनय कुमार दुबे एक सरल, सौम्य एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे. उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में ईमानदारी और समर्पण के साथ न्यायिक कार्यों का निर्वहन किया. अधिवक्ताओं ने कहा कि उनके निधन से अधिवक्ता समाज को अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि न्यायालय परिसर में उनका योगदान और उनका विनम्र व्यवहार हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अधिवक्ता उनकी याद में एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन करेंगे.






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