कहा कि यदि मनुष्य अपने जीवन का कल्याण चाहता है और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पाना चाहता है, तो उसे केवल भगवान के भजन का सहारा लेना होगा. 





                               

  • श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भक्ति और मोक्ष का बताया महत्व
  • कथा में शामिल श्रद्धालुओं को हरिभक्ति के मार्ग पर चलने का दिया संदेश

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नगर के बस स्टैंड के समीप चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ने व्यासपीठ से भक्ति की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि भक्ति ही जीवन का वास्तविक सार है, बाकी सब व्यर्थ है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जीव का जन्म प्रभु भक्ति के लिए हुआ है और जो मनुष्य श्रीहरि का भजन नहीं करता, उसका जीवन पशु के समान हो जाता है.

कथावाचन के दौरान उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य अपने जीवन का कल्याण चाहता है और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पाना चाहता है, तो उसे केवल भगवान के भजन का सहारा लेना होगा. प्रभु से बढ़कर कोई सुख और संपदा नहीं है, यही कारण है कि भागवत कथा का श्रवण करने वाले भक्तों का सदैव कल्याण होता है.

अमर कथा और शुकदेव जन्म का वर्णन
कथाक्रम में महाराज ने अमर कथा तथा शुकदेव जी के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया. उन्होंने कहा कि कथा का आनंद लेना भी प्रभु की कृपा से ही संभव होता है. भगवान जितना प्रदान करते हैं, भक्त को उतना ही प्राप्त होता है.

कथा में प्यासे बनकर आएं, मिलेगा बहुत कुछ
उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति कथा से कुछ पाना चाहता है, तो उसे प्यासे भाव से कथा में आना चाहिए. सीखने और पाने की इच्छा के साथ आने वाला व्यक्ति हरिकथा से बहुत कुछ प्राप्त करता है.

सांसारिक भोग नहीं, हरिभक्ति में बिताएं जीवन
प्रेमाचार्य जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत अमूल्य है और इसे केवल सांसारिक भोग-विलास में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए. वर्तमान समय में अधिकांश लोग भक्ति से दूर होकर भौतिक सुखों में उलझे हुए हैं, जो जीवन के वास्तविक उद्देश्य से भटकाव है.

प्रभु प्राप्ति ही जीवन का अंतिम लक्ष्य
उन्होंने कहा कि मनुष्य को यह दृढ़ संकल्प करना चाहिए कि उसे जीवन में श्रीहरि को प्राप्त करना है. यही सबसे बड़ा सुख और संपदा है. भागवत कथा के माध्यम से भक्त यह अनुभव कर सकते हैं कि स्वयं श्रीबांकेविहारी राधारानी के साथ उनके बीच उपस्थित होते हैं.

कथा में शामिल गणमान्य और श्रद्धालु
कथा के दौरान विभिन्न गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही. इनमें प्रदीप राय, मनोज उपाध्याय और बबली दुबे शामिल रहे. वहीं मुख्य यजमान आशुतोष मिश्रा, रेणु मिश्रा, आदित्य कुमार मिश्रा, अतुल कुमार मिश्रा सहित मिश्रा परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.