आरा के खेल भवन में आयोजित इस प्रतियोगिता में उन्होंने अंडर-38 किलोग्राम (13 वर्ष वर्ग) में पहला स्थान हासिल करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. इस उपलब्धि के साथ अब वह राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगी.
- अंडर-38 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन, सभी प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ा
- अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार का करेंगी प्रतिनिधित्व, गांव में खुशी की लहर
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : केसठ प्रखंड के रामपुर गांव की होनहार खिलाड़ी सौम्या तिवारी ने 12वीं राज्य स्तरीय ग्रेपलिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. आरा के खेल भवन में आयोजित इस प्रतियोगिता में उन्होंने अंडर-38 किलोग्राम (13 वर्ष वर्ग) में पहला स्थान हासिल करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. इस उपलब्धि के साथ अब वह राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगी.
प्रतियोगिता के दौरान सौम्या ने अपने हर मुकाबले में बेहतरीन तकनीक, संतुलन और आत्मविश्वास का परिचय दिया. उन्होंने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को एक-एक कर पराजित करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. उनकी इस जीत ने खेल प्रेमियों को भी प्रभावित किया और दर्शकों ने उनके प्रदर्शन की जमकर सराहना की.
पहले भी कर चुकी हैं कमाल
रामपुर निवासी व भाजपा के युवानेता सोनू तिवारी की पुत्री सौम्या तिवारी पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं. उनकी यह नई उपलब्धि उनके निरंतर अभ्यास, मेहनत और समर्पण का परिणाम है. लगातार बेहतर प्रदर्शन के कारण वे क्षेत्र की उभरती हुई खिलाड़ियों में अपनी खास पहचान बना चुकी हैं.
कोच का मिला भरपूर साथ
सौम्या की सफलता में उनके कोच रिजवान का अहम योगदान रहा है. कोच ने बताया कि सौम्या बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि अगर इसी तरह अभ्यास जारी रहा, तो वह राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेंगी.
राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी तेज
अब सौम्या तिवारी आगामी राष्ट्रीय ग्रेपलिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी, जो 29 मई से 1 जून तक गुवाहाटी (असम) में आयोजित होगी. प्रतियोगिता को लेकर सौम्या और उनके कोच दोनों ही उत्साहित हैं और बेहतर प्रदर्शन के लिए कड़ी तैयारी में जुटे हुए हैं.
गांव में जश्न का माहौल
सौम्या की इस उपलब्धि से रामपुर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर है. ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है. उनकी सफलता खासकर ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है, जो यह संदेश देती है कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.






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