पानी की स्थिति का जायजा लेने के लिए बक्सर के 11 नंबर लख से लेकर सिकरौल तक नहर का स्थल निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने नहरों में जल उपलब्धता, रखरखाव और सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा की.
- -नहर निरीक्षण के दौरान सामने आया मामला, जल स्राव रोकने के लिए विभाग को दिए निर्देश
- -सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा, अतिक्रमण हटाने और नहरों की सफाई कराने का भी आदेश
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सिकरौल स्थित ठोरा नदी पर बने नहर पुल से पानी रिसाव के मामले को जिला पदाधिकारी साहिला ने गंभीरता से लिया है. गुरुवार को नहरों के निरीक्षण के दौरान मामले की जानकारी मिलने पर उन्होंने सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को विभागीय उच्चाधिकारियों को सूचित करते हुए अभियंताओं की टीम के साथ स्थल निरीक्षण कर अविलंब आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. डीएम ने स्पष्ट कहा कि जल स्राव को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में किसी प्रकार की क्षति की संभावना न रहे.
जिला पदाधिकारी ने फसलों की सिंचाई के लिए जल संसाधन विभाग के अंतर्गत सोन नहर प्रमंडल द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे पानी की स्थिति का जायजा लेने के लिए बक्सर के 11 नंबर लख से लेकर सिकरौल तक नहर का स्थल निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने नहरों में जल उपलब्धता, रखरखाव और सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा की.
निरीक्षण में पाया गया कि नहर में वर्तमान में पर्याप्त जलापूर्ति हो रही है. हालांकि डीएम ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि भूजल स्तर में कमी की स्थिति को देखते हुए सिंचाई के लिए नहरों से पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु तत्काल कार्ययोजना तैयार की जाए. उन्होंने कहा कि जिले के अंतर्गत आने वाली सभी नहर शाखाओं में किसानों को समय पर सिंचाई जल उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए.
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नहर की जमीन पर अतिक्रमण भी पाया गया. इस पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही नहरों में कचरा फेंकने पर रोक लगाने और पूर्व से जमा कचरे की सफाई कराने का भी आदेश दिया.
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव, कार्यपालक अभियंता सोन नहर प्रमंडल बक्सर, कार्यपालक अभियंता गंगा पंप नहर बक्सर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.





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