विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए बालू, पत्थर और अन्य खनिज सामग्री लेकर आने वाले वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है. ऐसे में नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन वाहनों के दस्तावेज और परिवहन प्रक्रिया की निगरानी पहले की तुलना में अधिक सख्त हो सकती है.
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| वीर कुंवर सिंह सेतु से आते वाहन |

- 10 जून से बिहार सीमा में प्रवेश करने वाले खनिज वाहनों पर लागू होगा नया नियम
- जिला खनन पदाधिकारी बोले- अवैध परिवहन और फर्जी चालान पर लगेगी रोक
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिहार सरकार द्वारा राज्य में प्रवेश करने वाले बालू, पत्थर सहित अन्य लघु खनिज लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य किए जाने का असर अब बक्सर जिले में भी दिखाई देगा. उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़े होने के कारण बक्सर जिला लंबे समय से खनिज परिवहन के प्रमुख मार्गों में शामिल रहा है. ऐसे में 10 जून 2026 से लागू होने वाली नई व्यवस्था के बाद जिले से होकर गुजरने वाले खनिज लदे वाहनों की निगरानी और सख्त होने की संभावना है.
खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले सभी लघु खनिज लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास लेना अनिवार्य कर दिया गया है. नई व्यवस्था के तहत 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन अथवा 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है. यह व्यवस्था बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली 2019 के संशोधित प्रावधानों के तहत लागू की जा रही है.
बक्सर जिला उत्तर प्रदेश से सटा हुआ है और यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन राज्य में प्रवेश करते हैं. विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए बालू, पत्थर और अन्य खनिज सामग्री लेकर आने वाले वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है. ऐसे में नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन वाहनों के दस्तावेज और परिवहन प्रक्रिया की निगरानी पहले की तुलना में अधिक सख्त हो सकती है.
विभाग का मानना है कि अभी तक राज्य में दूसरे प्रदेशों से आने वाले खनिजों की मात्रा और उनके परिवहन के संबंध में कोई प्रभावी निगरानी प्रणाली नहीं थी. इसके कारण कई बार एक ही चालान पर कई बार खनिजों की ढुलाई और अवैध परिवहन की शिकायतें सामने आती रही हैं. नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
इस संबंध में बक्सर के जिला खनन पदाधिकारी अमित कुमार ने कहा, "सरकार द्वारा लागू की जा रही यह व्यवस्था खनिज परिवहन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाएगी. बक्सर उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़ा जिला है, इसलिए यहां से होकर गुजरने वाले वाहनों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा. इससे अवैध परिवहन तथा एक ही चालान के बार-बार उपयोग जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी."
उन्होंने कहा कि नई प्रणाली लागू होने के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले खनिजों का सटीक आंकड़ा उपलब्ध होगा तथा विभाग को निगरानी करने में सुविधा होगी. साथ ही इससे सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होने की संभावना है.
गौरतलब है कि इस प्रस्ताव को बिहार मंत्रिपरिषद की 20 फरवरी 2026 की बैठक में मंजूरी दी गई थी. इसके बाद विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. अब 10 जून के बाद बिना ट्रांजिट पास राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले खनिज वाहनों पर कार्रवाई की संभावना भी बढ़ गई है.





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