इन आश्रय स्थलों में रहने वाले सभी प्रवासी लोगों को भोजन तथा आश्रय की विशेष व्यवस्था की जा रही है. हालांकि, आश्रय स्थल में रहने वाले लोगों की संख्या अब कम हो गई है. कई आश्रय स्थलों पर तो अब लोग है भी नहीं.
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| आश्रय स्थल में भोजन लेते शरणार्थी व मौके पर मौजूद अंचलाधिकारी |
- जिले में बनाए गए हैं कुल नौ आश्रय स्थल
- काफी कम संख्या में मौजूद हैं प्रवासी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के पश्चात अब जिले में किसी भी प्रवासी व्यक्ति को आने की अनुमति नहीं दी जा रही है. हालांकि, जो लोग बुधवार तक बक्सर पहुंच जा रहे हैं उन्हें अब आगे नहीं भेज कर बक्सर में ही बने आश्रय स्थलों में रखने का निर्देश दिया गया है. इन आश्रय स्थलों में रहने वाले सभी प्रवासी लोगों को भोजन तथा आश्रय की विशेष व्यवस्था की जा रही है. हालांकि, आश्रय स्थल में रहने वाले लोगों की संख्या अब कम हो गई है. कई आश्रय स्थलों पर तो अब लोग है भी नहीं.
बुधवार को नगर के सरस्वती विद्या मंदिर में पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि, वहां एक भी प्रवासी व्यक्ति नहीं है. सभी को मंगलवार को ही जांचोपरांत उनके घरों को भेजा जा चुका है. हालांकि, बुधवार को अधिकारी व चिकित्सक वहां मौजूद थे ताकि, यदि कोई व्यक्ति भटकता हुआ पहुंचता है तो उसे वहां रखा जा सके. वहीं यह भी ज्ञात हुआ कि अधिकारियों व चिकित्सकों के लिए पीने के पानी के अतिरिक्त भोजन अथवा चाय तक की व्यवस्था मौके पर नहीं है. मौके पर मौजूद एसीएमो ए.के राय, डीएसआर डॉ. यशपाल तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी.एन. चौबे ने बताया कि, फिलहाल आश्रय स्थल पर कोई भी व्यक्ति नहीं है, जिसके कारण भोजन वगैरह नहीं बनाया गया.
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| आंचल में रह रहे शरणार्थी |
बिहार पब्लिक स्कूल में बने आश्रय केंद्र में बचे हैं 65 प्रवासी:
वहीं, दूसरी तरफ बिहार पब्लिक स्कूल में बनाए गए आश्रय स्थल में पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि, वहां तकरीबन 65 प्रवासी ठहरे हुए हैं. जिनके भोजन तथा आवासन की व्यवस्था बेहतर ढंग से की गई है. मौके पर मौजूद अंचलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि, इस आश्रय स्थल में रहने वाले सभी लोगों को साफ़ व पौष्टिक भोजन मिल सके इसकी पूरी व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही मौजूद उन लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि, कोरोना संक्रमण के फैलाव को कैसे रोका जा सकता है? वहीं, जिन कमरों में लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है उनमें बिस्तर लगाते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया है. साथ ही दिन में दो बार कमरों को सैनिटाइज किया जा रहा है. इसके साथ ही साफ-सफाई बनाए रखने के लिए सभी प्रवासियों को साबुन का भी वितरण किया गया है. इसके अतिरिक्त चिकित्सकों का दल भी यहां पर नियुक्त है जो यहां पहुंचने वाले अथवा रह रहे लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल कर रहा है.
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बुधवार को भी जारी रहा प्रवासियों के पहुंचने का सिलसिला:
बुधवार को भी दूसरे प्रदेशों से अपने गृह जिले में प्रवासियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा. वीर कुंवर सिंह सेतु पर पहुंचे कई प्रवासियों ने बताया कि, वह राजस्थान तथा दिल्ली से पैदल ही चल कर बक्सर पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी यात्रा चार-पांच दिन पूर्व शुरू की थी. इस दौरान रास्ते में कहीं किसी माल वाहन अथवा कहीं पैदल ही चलते हुए आखिरकार वह अपने गृह जिले पहुंच गए. वीर कुंवर सिंह सेतु से जिले में प्रवेश करते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने सभी प्रवासियों को रोक कर उनका नाम-पता दर्ज करने के पश्चात बस में बैठा कर उन्हें आश्रय स्थलों को रवाना किया. बताया गया कि, आश्रय स्थल पर पहले सभी की जांच होगी तत्पश्चात उन्हें वहीं, रखा जाएगा.
कहते हैं अधिकारी:
लगभग सभी आश्रय स्थल अब खाली हो चुके हैं. सभी प्रवासियों को जांचोपरांत उनके गृह जिलों में भेजा जा चुका है. जो प्रवासी बच गए हैं वह आश्रय स्थल में रहेंगे. जो बक्सर जिले के हैं तथा अपने गांव पहुंच रहे हैं उन्हें होम क्वॉरेंटाइन किए जाने का निर्देश सभी मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री के स्तर से दिया गया है.
कन्हैया कुमार,
जिला सूचना सह जनसंपर्क पदाधिकारी















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