अहिरौली में बसंती उल्लास के बीच सरस्वती प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न ..

विद्यालय परिसर में आयोजित इस धार्मिक एवं शैक्षिक अनुष्ठान ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और आचार्यों में विशेष उत्साह का संचार किया. आयोजन को विद्यालय और संघ के पदाधिकारियों ने विधिवत पूजन-अर्चन कर पूर्ण कराया.






                                         



  • सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और आरती के साथ विधिवत आयोजन
  • संस्कारयुक्त शिक्षा के संदेश के साथ विद्या मंदिर की भूमिका पर जोर

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर शहर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर, अहिरौली में विद्या की देवी मां सरस्वती की पत्थर प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम हर्षोल्लास और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुआ. विद्यालय परिसर में आयोजित इस धार्मिक एवं शैक्षिक अनुष्ठान ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और आचार्यों में विशेष उत्साह का संचार किया. आयोजन को विद्यालय और संघ के पदाधिकारियों ने विधिवत पूजन-अर्चन कर पूर्ण कराया.

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सचिव हनुमान प्रसाद अग्रवाल और संघ के प्रांत कार्यवाह राजेंद्र प्रसाद ने मां सरस्वती की आरती व पूजन कर प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न कराई. इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रांत कार्यवाह ने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर जैसे विद्यालय आज विश्व स्तर पर शोध का विषय बने हुए हैं. यहां शिक्षा के साथ संस्कार और सभ्यता का समन्वय किया जाता है, जो इसे विशिष्ट बनाता है. उन्होंने कहा कि विद्या मंदिर से अध्ययन पूर्ण कर निकले भैया-बहन देश के उच्च पदों पर पहुंचकर भारत की कीर्ति विश्वभर में फैला रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा कि बक्सर के लिए यह दिन विशेष महत्व का है, क्योंकि मां सरस्वती की साक्षात प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा से नियमित रूप से अध्ययन करने वाले भैया-बहनों के संस्कार और व्यक्तित्व पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. यह आयोजन शिक्षा के साथ आध्यात्मिक चेतना को भी सुदृढ़ करेगा.

कार्यक्रम में आचार्य सत्येंद्र उपाध्याय, मनोरंजन कुमार प्रधानाचार्य, अभिषेक भारती जिला प्रचारक, राम वकील राय, रमेश बाबा, सुरेश मिश्रा, ज्योति मिश्रा, ज्योति सिन्हा, रोहिणी प्रिया बिसेन, ईश्वर चंद्र, अमित राय, अखिलेश राय, मदन पाण्डेय, विवेक राय, अनूप चौबे, चांदनी कुमारी, गुड्डी कुमारी, राजन गुप्ता, दिनेश शर्मा, जनार्दन तिवारी, धीरेन्द्र सिंह, वरुण मिश्र सहित सभी आचार्य, अभिभावक और भैया-बहनों की सहभागिता रही.









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