पुराना भोजपुर फ्लाईओवर के पास छीना गया झोला फेंक दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने झोले को बरामद किया, जिसमें 99,500 रुपये नगद, दो भरे हुए चेक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित मिले.
- दो अपराधी गिरफ्तार, 99,500 रुपये और भरे हुए चेक बरामद
- फरार साथियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी, स्थानीय लोगों की सतर्कता आई काम
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : डुमरांव के छठिया पोखरा के पास बुधवार को हुई छिनतई की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया. इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके पास से छीने गए 99,500 रुपये, दो भरे हुए चेक और अन्य जरूरी कागजात भी सुरक्षित बरामद कर लिए गए. जांच में सामने आया कि इस वारदात के तार वैशाली के कुख्यात तिवारी गिरोह से जुड़े हैं, जिसके फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.
डुमरांव थाना परिसर में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने बताया कि नंदन गांव निवासी मनू कुमार गोंड से एक लाख रुपये नगद, दो चेक और जरूरी कागजात छिनने की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों की घेराबंदी शुरू की.
पुलिस के दबाव में भाग रहे अपराधियों ने पुराना भोजपुर फ्लाईओवर के पास छीना गया झोला फेंक दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने झोले को बरामद किया, जिसमें 99,500 रुपये नगद, दो भरे हुए चेक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित मिले.
एसडीपीओ ने बताया कि स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण दो अपराधियों को घटनास्थल पर ही पकड़ लिया गया था. पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कई अहम सुराग मिले हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छपरा जिले के रसूलपुर थाना क्षेत्र के सागर तिवारी और कोपा थाना क्षेत्र के सागर मिश्र के रूप में हुई है.
पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों का संबंध वैशाली जिले के कुख्यात तिवारी गिरोह से है, जो विभिन्न जिलों में लूट, छिनतई और झपट्टामारी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है. पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. साथ ही, गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है.
इस पूरे अभियान में डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा, एसआई मतेन्द्र कुमार, गौतम कुमार, अर्चना कुमारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे. टीम के समन्वित प्रयास से न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, बल्कि पीड़ित की संपत्ति भी सुरक्षित बरामद कर ली गई. स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत हुआ है.






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