बिना सफाई के भुगतान का खेल उजागर, अब ‘दिशा’ बैठक में गूंजेगा मामला ..

जांच समिति की रिपोर्ट ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच में सामने आया कि कई विद्यालयों में जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक सफाई कार्य हुआ ही नहीं, लेकिन एजेंसी M/S R.S. Enterprises को भुगतान कर दिया गया.

 






                               




  • जांच में कई स्कूलों में काम नहीं, फिर भी एजेंसी को रकम जारी
  • बड़ी कार्रवाई के संकेत, जिम्मेदारों पर कस सकती है नकेल

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के सरकारी विद्यालयों में हाउसकीपिंग के नाम पर हुए भुगतान घोटाले ने अब तूल पकड़ लिया है. जांच रिपोर्ट में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद यह मामला ‘दिशा’ की बैठक में भी उठाए जाने की चर्चा है, जिससे प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है.

जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप रंजन के निर्देश पर गठित त्रि-सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच में सामने आया कि कई विद्यालयों में जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक सफाई कार्य हुआ ही नहीं, लेकिन एजेंसी M/S R.S. Enterprises को भुगतान कर दिया गया.

मध्य विद्यालय बगही और नवसृजित प्राथमिक विद्यालय यादव टोला, बलुआं के मामले में बिना कार्य के दोहरा भुगतान सामने आया. वहीं कन्या मध्य विद्यालय ब्रह्मपुर, मध्य विद्यालय कैथी और अनुसूचित जाति प्राथमिक विद्यालय ब्रह्मपुर में भी सफाई कर्मियों की उपस्थिति का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, फिर भी बिल पास कर दिए गए.

जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि कई प्रधानाध्यापकों ने अनुपस्थिति विवरणी उपलब्ध कराए बिना ही बिल भेजे, जबकि नियम के अनुसार प्रत्येक माह उपस्थिति रिपोर्ट देना अनिवार्य है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा कई महीनों का बिल एक साथ भेजना भी नियमों के विरुद्ध पाया गया.

एजेंसी की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि उन पर दबाव बनाकर बिलों पर हस्ताक्षर कराए गए. इससे पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका और गहरी हो गई है.

यदि यह मामला ‘दिशा’ (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में उठता है तो इस प्रकरण में बड़े स्तर पर जांच और कार्रवाई तय मानी जा रही है.

फिलहाल इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और सभी की निगाहें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं.













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