दिशा बैठक में गूंजे जनसरोकार, स्वास्थ्य से सड़क तक लापरवाही पर सख्त संदेश ..

जनप्रतिनिधियों ने एक ओर जहां जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, वहीं प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं होगी.
सांसद का स्वागत करती डीएम





                               


  • सांसद ने स्वास्थ्य व्यवस्था और शिक्षा विभाग के मामलों पर जताई चिंता, जांच के निर्देश
  • विधायक प्रतिनिधि व अन्य जनप्रतिनिधियों ने सड़क, सफाई, रोजगार और गैस आपूर्ति के मुद्दे उठाए

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर :  समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित ‘दिशा’ (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, रोजगार और सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई. बैठक में जनप्रतिनिधियों ने एक ओर जहां जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, वहीं प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं होगी.

बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद सुधाकर सिंह ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि आम लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सके.


शिक्षा विभाग में हाल ही में सामने आए सफाई से जुड़े घोटाले को लेकर भी उन्होंने गंभीर रुख अपनाया. उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

नगर परिषद में साफ - सफाई की व्यवस्था पर नाराज़गी:

नगर परिषद क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति को लेकर भी बैठक में नाराजगी जाहिर की गई. साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही गई. बैठक में यह भी जोर दिया गया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. इसके लिए प्रशासन को पारदर्शिता और गति के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया.

सदर विधानसभा को मॉडल विधानसभा बनाने की मांग:

इसी क्रम में बक्सर सदर विधायक आनंद मिश्र के अधिकृत प्रतिनिधि सौरभ तिवारी ने भी क्षेत्रीय समस्याओं को मजबूती से उठाया. उन्होंने कहा कि बक्सर को मॉडल विधानसभा बनाने के लिए स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में व्यापक सुधार आवश्यक है.
उन्होंने जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की मांग करते हुए कहा कि सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जानी चाहिए.

एनएचएआई के अंतर्गत सर्विस रोड बनाने की मांग:

सड़क और बुनियादी ढांचे को लेकर उन्होंने एनएचएआई के अंतर्गत दलसागर और भैसहा में सर्विस रोड निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और नए संपर्क मार्गों के निर्माण की मांग रखी.

तकनीकी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने की मांग:

शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने तकनीकी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई. उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाना चाहिए.

नगर पंचायत में भी हो 25 दिनों में गैस की बुकिंग :

बैठक में पूर्व जिला पार्षद एवं चौसा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ मनोज यादव ने भी कई ज्वलंत मुद्दों को उठाया. उन्होंने गैस सिलेंडर की आपूर्ति में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर पंचायत में उपभोक्ताओं को निर्धारित 25 दिनों से काफी अधिक इंतजार करना पड़ रहा है.

निजी अस्पतालों के लाइसेंस का नहीं हो रहा रिन्यूअल :

उन्होंने 33 निजी अस्पतालों के लाइसेंस नवीनीकरण में हो रही देरी को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक रिन्यूअल नहीं होना बीपीएल कार्डधारियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, क्योंकि उन्हें आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

नगर पंचायत को दिया जाए शेरशाह गढ़ की देखरेख का जिम्मा :

पर्यटन के क्षेत्र में शेरशाह गढ़ के कायाकल्प के बाद उसकी देखरेख नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया. इसके साथ ही निजाम भिश्ती की प्रतिमा स्थापना, प्रकाश व्यवस्था और कर्मनाशा नदी तक सड़क निर्माण की मांग रखी गई. कहा गया कि इसका जिम्मा नगर पंचायत को दिया जाए. इसके अतिरिक्त चौसा गोला में स्टेडियम निर्माण, नरबतपुर, चौसा और अखौरीपुर गोला में कब्रिस्तान के लिए जमीन चिन्हित करने तथा चौसा गोला के चौड़ीकरण की मांग भी प्रमुखता से सामने आई.

डुमरांव अनुमंडल के नावानगर कोको कोला प्लांट, ब्रह्मपुर के जेके सीमेंट फैक्ट्री में रोजगार के मुद्दे पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए कहा गया कि बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में बाहरी मजदूरों की बजाय स्थानीय लोगों को अवसर दिया जाना चाहिए.

चौसा से बसही तक सड़क का होगा कायाकल्प :
बैठक के दौरान पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने जानकारी दी कि चौसा से बसही तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़क निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा.













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