महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में ओपन क्विज और विभागीय टेस्ट से निखरी प्रतिभा, छात्रों में दिखा जबरदस्त उत्साह ..

प्रतियोगिता की खासियत यह रही कि इसमें बहुविकल्पीय प्रश्नों के बजाय संक्षिप्त उत्तर और एक-पंक्ति आधारित प्रश्न पूछे गए, जिससे छात्रों की गहन समझ और सटीकता का आकलन किया गया.

 





                               




  • अंग्रेज़ी विभाग के ओपन क्विज और बीबीए-बीसीए टेस्ट ने बढ़ाई प्रतिस्पर्धा और ज्ञान का स्तर
  • प्राचार्य प्रो कृष्ण कांत सिंह के नेतृत्व में शैक्षणिक माहौल में आया सकारात्मक परिवर्तन

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर में आयोजित ओपन क्विज प्रतियोगिता और बीबीए-बीसीए विभाग के क्विज टेस्ट ने छात्रों के ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास को नई दिशा दी, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.

8 अप्रैल 2026 को अंग्रेज़ी विभाग द्वारा आयोजित ओपन क्विज प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्यिक जागरूकता बढ़ाना, तार्किक क्षमता विकसित करना और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना था. प्रतियोगिता की खासियत यह रही कि इसमें बहुविकल्पीय प्रश्नों के बजाय संक्षिप्त उत्तर और एक-पंक्ति आधारित प्रश्न पूछे गए, जिससे छात्रों की गहन समझ और सटीकता का आकलन किया गया. प्रश्नों का दायरा अंग्रेज़ी साहित्य, व्याकरण, शब्द-भंडार, साहित्यिक आंदोलनों और समसामयिक विषयों तक विस्तृत रहा.

वहीं, बीबीए एवं बीसीए विभाग द्वारा आयोजित क्विज टेस्ट में भी सैकड़ों छात्रों ने भाग लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का परिचय दिया. यह आयोजन छात्रों के लिए ज्ञानवर्धन के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रभावी मंच साबित हुआ. महाविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन का संकल्प दोहराया.

इन सभी आयोजनों की सफलता के पीछे प्राचार्य प्रो कृष्ण कांत सिंह का प्रेरणादायी नेतृत्व रहा, जिनके मार्गदर्शन में महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण तेजी से सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है.

कार्यक्रम को सफल बनाने में अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष प्रियेश रंजन, डॉ रवि प्रभात, डॉ अमृता कुमारी, डॉ अर्चना मिश्रा, डॉ अमन कुमार सिंह, दीपक कुमार शर्मा और कर्मी रंजु देवी का सराहनीय योगदान रहा. वहीं, बीबीए समन्वयक डॉ पंकज चौधरी, बीसीए समन्वयक डॉ सैकत देबनाथ, शिक्षक अरविंद कुमार, सरोज सर्राफ, यथार्थ राज, अरुण कुमार ओझा, मधुसूदन तथा समन्वयक शिवम भारद्वाज ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

दोनों क्विज प्रतियोगिताएं न केवल एक प्रतिस्पर्धा रहीं, बल्कि महाविद्यालय में विकसित हो रही सशक्त शैक्षणिक संस्कृति और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभरीं.













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