“श्रमदान से स्वच्छता का महाअभियान” रविवार को अपने 600वें ऐतिहासिक रविवार पर पहुंचा. यह अभियान 2 नवंबर 2014 से बिना किसी रुकावट के लगातार जारी है और अब यह एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है.
- मां गंगा की निर्मलता के लिए ‘छात्रशक्ति’ का 600 वां रविवार, 12 वर्षों से लगातार चल रहा महाअभियान
- गंगा संरक्षण में युवाओं की ऐतिहासिक भागीदारी, सैकड़ों लोगों ने किया श्रमदान और लिया संकल्प
- बक्सर में गूंजा संदेश—“न गंगा को गंदा करेंगे, न होने देंगे”, जनआंदोलन में बदला स्वच्छता अभियान
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर में मां गंगा की निर्मलता और अविरलता को समर्पित ‘छात्रशक्ति’ संगठन द्वारा चलाया जा रहा “श्रमदान से स्वच्छता का महाअभियान” रविवार को अपने 600वें ऐतिहासिक रविवार पर पहुंचा. यह अभियान 2 नवंबर 2014 से बिना किसी रुकावट के लगातार जारी है और अब यह एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है.
इस अवसर पर गंगा घाट पर बड़ी संख्या में छात्र-युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक प्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे. सभी ने श्रमदान कर गंगा की स्वच्छता में योगदान दिया. गंगा घाट और जलधारा से कचरा हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया.
गंगा संरक्षण के लिए हस्ताक्षर और शपथ कार्यक्रम
कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोगों ने माँ गंगा की निर्मलता बनाए रखने के लिए हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया और गंगा संरक्षण की शपथ ली. उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं भी स्वच्छता रखेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे.
जीवन, संस्कृति और आस्था का प्रतीक हैं मां गंगा : सौरभ तिवारी
छात्रशक्ति के सुप्रीम एवं भाजपा नेता तथा अभियान के प्रणेता सौरभ तिवारी ने कहा कि माँ गंगा केवल नदी नहीं बल्कि जीवन, संस्कृति और आस्था का प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल घाट की सफाई नहीं बल्कि समाज की सोच बदलने का प्रयास है.
उन्होंने कहा कि “अगर गंगा स्वच्छ रहेगी तो हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा.” यह अभियान किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि जन-जन का आंदोलन है.
स्वच्छता से संस्कार तक पहुंचा अभियान
कार्यक्रम में “अविरल धारा, स्वच्छ किनारा और निर्मल गंगा, संकल्प हमारा” के नारे को दोहराया गया. गंगा घाटों की सफाई के साथ-साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया. यह अभियान अब सामाजिक चेतना का प्रतीक बन चुका है.
सैकड़ों लोगों ने किया श्रमदान
इस अवसर पर कैरियर लॉन्चर नोयडा के निदेशक रामानुज मिश्रा, जदयू नेता संजय सिंह, भाजपा नेता शिवजी खेमका, गोपाल पांडेय, जितेंद्र पांडेय, अमर जायसवाल, संजय चौधरी, अरविंद सिंह, शशांक शेखर, रेखा राय, श्रवण तिवारी, जितेंद्र मिश्र, राजू ठाकुर, पप्पू राय, मुन्नू उपाध्याय, मिथिलेश पांडेय, ओमजी यादव, अनिल सिंह, बिटू पांडेय, संतोष उपाध्याय, हीरो चौबे, गौतम तिवारी, राहुल यादव, पप्पू चौबे, अख्तर आह्वान, मिक्की पांडेय, जितेश दुबे, कृष्णा दुबे, प्रशांत तिवारी, रोहित मिश्रा, ज्वाला सैनी, अक्षय ओझा, अंजय चौबे, लाला बाबा, बैजू मिश्रा, श्याम जी केशरी, धनजी यादव, अभिमन्यु विद्यार्थी, महावीर गुप्ता, बरमेश्वर चौधरी, दुर्गेश उपाध्याय, हरेराम पांडेय, मयंक राज, अंटू चौबे, भाष्कर सिंह, आशु राय, नवनीत सिन्हा, कमलेश उपाध्याय, धनजी तिवारी, रामजी प्रसाद, सोनू राय, शैलेश मिश्रा, गौरव गिरी, रवि सिंह, आशुतोष सिंह, संजय राय, निक्कू ओझा, अंदिप दास, आकाश गुप्ता सहित नाविक समाज, पंडा समाज एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रमदान किया.
12 वर्षों की निरंतरता बनी मिसाल
यह अभियान 600 सप्ताह से लगातार जारी रहकर बक्सर में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता की मिसाल बन चुका है.
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया—
“न गंगा को गंदा करेंगे, न होने देंगे.”
वीडियो :






.png)
















0 Comments