गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कठोर सजा आवश्यक है.
- दो दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा, पीड़िता को 15 लाख रुपये मुआवजा
- वर्ष 2023 में दर्ज मामले में अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद सुनाया निर्णय
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में बक्सर की विशेष पॉक्सो अदालत ने दो दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया है. इसके साथ ही पीड़िता और उसकी मां को कुल 20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया है. फैसला आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी 2023 को गांव स्थित मध्य विद्यालय में झंडोत्तोलन कार्यक्रम आयोजित किया गया था. उसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 12 वर्षीय बच्ची घर से निकली थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी. परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. इसी बीच गांव के एक दलान में बच्ची के होने की सूचना मिली. परिजन जब वहां पहुंचे तो दो युवक वहां से भागते नजर आए. बाद में बच्ची ने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई.
महिला थाना कांड संख्या 04/2023 दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. अनुसंधान के दौरान बिट्टू चौधरी, विकास कुमार और तेंगरी उर्फ अमिताभ बच्चन को आरोपित बनाया गया. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया. विकास कुमार का मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया, जबकि दो अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पॉक्सो अदालत में सुनवाई चली.
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में आठ गवाह पेश किए. गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कठोर सजा आवश्यक है.
अदालत ने लगाया आर्थिक दंड भी
विशेष पॉक्सो अदालत ने बिट्टू चौधरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(डीए) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. वहीं तेंगरी उर्फ अमिताभ बच्चन को 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना नहीं देने पर दोनों दोषियों को अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी.
पीड़िता की सहायता के लिए मुआवजे का आदेश
अदालत ने बिहार विक्टिम कंपेनसेशन स्कीम 2019 और पॉक्सो नियमावली 2020 के तहत पीड़िता को 15 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है. इसमें से 10 लाख रुपये की राशि सुरक्षित रखी जाएगी, जिसे पीड़िता 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद प्राप्त कर सकेगी. वहीं पीड़िता की मां को भी 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश अदालत द्वारा दिया गया है.






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