नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जेल के बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा. उन्होंने कहा, "सजा पूरी करने के बाद बंदी समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकेंगे. साथ ही, यह नियुक्ति वैश्य समाज को भी मजबूती प्रदान करेगी."
- बंदियों के जीवन में सुधार और वैश्य समाज की मजबूती की जताई उम्मीद
- बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की रणनीति पर तेज हुई चर्चा
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिहार विधानसभा के कारा सुधार समिति के सभापति के रूप में भाजपा विधायक पवन कुमार जायसवाल की नियुक्ति को लेकर बक्सर में वैश्य समाज की ओर से खुशी जताई जा रही है. वैश्य महासम्मेलन महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कंचन देवी ने इस नियुक्ति को सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि इससे जेलों में सुधार होगा और बंदियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि इससे वैश्य समाज को भी मजबूती मिलेगी और भाजपा को इसका लाभ मिलेगा.
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा गठित कारा सुधार समिति में सात विधायकों को सदस्य बनाया गया है, जिनमें ढाका विधायक पवन कुमार जायसवाल को सभापति नियुक्त किया गया है. अन्य सदस्यों में प्रमोद कुमार सिन्हा, मोहम्मद अंजार नईमी, मीणा कुमारी, श्यामबाबू यादव, राम विशुन सिंह और मुरारी प्रसाद गौतम शामिल हैं. इस समिति का कार्यकाल 1 अप्रैल 2025 से 17वीं बिहार विधानसभा के कार्यकाल तक रहेगा.
कारा सुधार समिति के कार्य और उद्देश्यों पर नजर
यह समिति बिहार की जेलों में कैदियों के कल्याण, उनके पुनर्वास और जेलों के बजट आवंटन की समीक्षा करेगी. साथ ही, जेलों में उपलब्ध सुविधाओं, बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं और उनके व्यवहार सुधार के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी काम करेगी. इस समिति का मुख्य उद्देश्य जेलों में सुधार लाकर वहां की व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाना है.
चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा फैसला
बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं, और ऐसे में भाजपा द्वारा पवन कुमार जायसवाल की नियुक्ति को वैश्य समाज को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. जायसवाल स्वयं वैश्य समाज से आते हैं, जो बिहार के कई हिस्सों में भाजपा के पारंपरिक समर्थक माने जाते हैं. भाजपा के इस कदम से एनडीए को आगामी चुनाव में लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
कंचन देवी ने क्या कहा?
बक्सर में वैश्य महासम्मेलन महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कंचन देवी ने पवन कुमार जायसवाल की नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जेल के बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा. उन्होंने कहा, "सजा पूरी करने के बाद बंदी समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकेंगे. साथ ही, यह नियुक्ति वैश्य समाज को भी मजबूती प्रदान करेगी."
कंचन देवी ने यह भी कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए जल्द ही संगठन विस्तार की योजना बनाई जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि बिहार में अब 1990 के दशक वाला जंगलराज नहीं लौटेगा. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी, चाहे मुख्यमंत्री कोई भी हो.
वैश्य समाज में उत्साह, भाजपा को मिलेगा लाभ
बक्सर सहित पूरे बिहार में वैश्य समाज भाजपा के इस कदम से उत्साहित है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नियुक्ति न केवल जेल सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भाजपा की चुनावी रणनीति का भी अहम हिस्सा है. अब देखना यह होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में इस नियुक्ति का भाजपा को कितना फायदा होता है.
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