बक्सर की सृष्टि पाठक ने इंटरमीडिएट में हासिल किए अव्वल नम्बर, परिजनों और शिक्षकों ने दी शुभकामनाएं

माता-पिता के साथ ही स्कूल के शिक्षकों ने भी सृष्टि की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की. स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि सृष्टि हमेशा पढ़ाई में अव्वल रही है और उसकी यह उपलब्धि बाकी विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है.













                                           



- बक्सर की बेटी की शानदार सफलता
- इंदिरा हाई स्कूल की छात्रा ने विज्ञान संकाय में मारी बाजी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के घोषित परिणामों में बक्सर की सृष्टि पाठक ने शानदार प्रदर्शन किया है. चरित्रवन निवासी धर्मेंद्र कुमार पाठक की पुत्री सृष्टि ने प्लस टू इंदिरा हाई स्कूल, चरित्रवन से विज्ञान संकाय में परीक्षा दी थी, जिसमें उसने 400 में से 387 अंक प्राप्त किए हैं. उसकी इस सफलता पर परिवारजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है. सभी ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.


सृष्टि पाठक शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है. परीक्षा में उसने अपनी मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल की है. विज्ञान संकाय से इंटरमीडिएट में इतने अच्छे अंक प्राप्त करना उसकी कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है. सृष्टि ने बताया कि उसकी सफलता के पीछे माता-पिता और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. नियमित अध्ययन और सही रणनीति अपनाकर उसने यह उपलब्धि प्राप्त की है.

परिजनों और शिक्षकों ने जताई खुशी

सृष्टि की इस उपलब्धि पर उसके माता-पिता बेहद खुश हैं. पिता धर्मेंद्र कुमार पाठक ने कहा कि बेटी ने परिवार का नाम रोशन किया है. उसकी मेहनत रंग लाई है, और भविष्य में भी उसे इसी तरह आगे बढ़ने के लिए परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा. माता-पिता के साथ ही स्कूल के शिक्षकों ने भी सृष्टि की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की. स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि सृष्टि हमेशा पढ़ाई में अव्वल रही है और उसकी यह उपलब्धि बाकी विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है.

बक्सर की प्रतिभा का बढ़ा मान

बक्सर के लोगों को भी सृष्टि की सफलता पर गर्व है. उसके दोस्त और शुभचिंतक भी उसकी मेहनत की सराहना कर रहे हैं. सृष्टि आगे चलकर इंजीनियरिंग क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती है. उसने बताया कि वह किसी प्रतिष्ठित संस्थान से उच्च शिक्षा प्राप्त कर विज्ञान के क्षेत्र में योगदान देना चाहती है.

सृष्टि की इस शानदार सफलता से यह साबित होता है कि सही मार्गदर्शन और कठिन परिश्रम से कोई भी विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकता है.










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