1008 घटों से हुआ भगवान रामेश्वर नाथ का दिव्य अभिषेक ..

1008 घटों द्वारा दूध, दही, ईख रस, मधुरस, स्वर्ण जल, रजत जल, विभिन्न फल रस और गंगाजल से विधिवत अभिषेक किया गया. पूरे अनुष्ठान के दौरान मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा.






                               


  • जानकी प्रकट उत्सव पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भक्ति से गूंजा पूरा परिसर
  • 7 से 15 जून तक श्रीमद् भागवत कथा सह लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का होगा आयोजन


बक्सर टॉप न्यूज,
बक्सर : सिद्धाश्रम धाम में सर्वजन कल्याण सेवा समिति द्वारा आयोजित 18वां महा रुद्राभिषेक अत्यंत भव्य और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ, जहां 1008 घटों से भगवान श्री रामेश्वर नाथ का अभिषेक कर श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की कामना की.

सर्वजन कल्याण सेवा समिति, सिद्धाश्रम धाम बक्सर के तत्वावधान में आयोजित 18वां महा रुद्राभिषेक इस वर्ष भी पूरी आस्था और भव्यता के साथ संपन्न हुआ. इस पावन अवसर पर भगवान श्री रामेश्वर नाथ जी का 1008 घटों द्वारा दूध, दही, ईख रस, मधुरस, स्वर्ण जल, रजत जल, विभिन्न फल रस और गंगाजल से विधिवत अभिषेक किया गया. पूरे अनुष्ठान के दौरान मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा.

जानकी जी के प्रकट उत्सव के शुभ अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री शास्त्री जी पौराणिक जी महाराज ने की. आयोजन में समिति के सभी सदस्य तथा सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर भगवान शिव की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की.

समिति द्वारा वर्ष 2007 से लगातार इस आयोजन की परंपरा निभाई जा रही है. हालांकि कोरोना काल के दौरान दो वर्षों तक सरकारी निर्देशों के कारण आयोजन प्रभावित रहा, लेकिन उसके बाद से यह धार्मिक परंपरा निरंतर जारी है. हर वर्ष 18 पुराण की कथा सह लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के पूर्व भगवान भोलेनाथ का महा रुद्राभिषेक आयोजित किया जाता है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता है.

इस वर्ष भी आगामी 7 जून से 15 जून तक अधिक मास के अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा सह लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन सुनिश्चित किया गया है. 7 जून को जल भरी कार्यक्रम होगा, जबकि 15 जून को विशाल भंडारा और पूर्णाहुति के साथ आयोजन का समापन किया जाएगा.

समिति ने बक्सर सहित देशभर के श्रद्धालुओं से इस महाआयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है, ताकि सामूहिक रूप से विश्व शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना साकार हो सके.














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