पारा 43 डिग्री के पार, अत्याधुनिक हीट स्ट्रोक वार्ड और रैपिड रिस्पांस टीम तैयार ..

हीट स्ट्रोक वार्ड में मरीजों को राहत देने के लिए एयर कंडीशनर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. साथ ही वार्ड में सभी जरूरी दवाएं, ऑक्सीजन सिलेंडर, आईवी फ्लूड और अन्य जीवनरक्षक उपकरण भी रखे गए हैं. 





                               


 

  • 43 डिग्री के पार पहुंचा तापमान, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट
  • हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए एसी वार्ड, विशेषज्ञ डॉक्टर और विशेष मेडिकल टीम तैनात

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने से लोग झुलसती धूप और गर्म हवाओं से परेशान हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और सदर अस्पताल में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष अत्याधुनिक वार्ड की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.

सदर अस्पताल में बनाए गए इस विशेष हीट स्ट्रोक वार्ड में मरीजों को राहत देने के लिए एयर कंडीशनर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. साथ ही वार्ड में सभी जरूरी दवाएं, ऑक्सीजन सिलेंडर, आईवी फ्लूड और अन्य जीवनरक्षक उपकरण भी रखे गए हैं. अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इस वार्ड को इस तरह से तैयार किया गया है कि हीट स्ट्रोक के गंभीर मरीजों का तुरंत इलाज शुरू किया जा सके और उनकी हालत बिगड़ने से रोकी जा सके.

हर मरीज पर नजर, स्वास्थ्य कर्मी अलर्ट 

सदर अस्पताल प्रबंधक दुष्यंत कुमार सिंह ने बताया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए यह विशेष व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज पर विशेष नजर रखी जा रही है और हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर तुरंत उसे इस वार्ड में भर्ती किया जा रहा है. इसके साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों को भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि इलाज में किसी तरह की लापरवाही न हो.

अनुमंडल तथा प्रखंड स्तर पर भी पूरी तैयारी, फील्ड में भी मिलेगी सहायता और दवाएं 

सिविल सर्जन डॉक्टर शिव प्रसाद चक्रवर्ती ने बताया कि केवल सदर अस्पताल ही नहीं, बल्कि जिले के सभी अनुमंडल अस्पतालों के साथ-साथ प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में भी हीट स्ट्रोक वार्ड बनाकर तैयार कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि इन सभी केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है, जो फील्ड में ही सक्रिय रहकर लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही है.

24 घंटे निगरानी में लगे हैं मेडिकल अधिकारी और कर्मी

उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ की विशेष टीम 24 घंटे निगरानी में लगी हुई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है, ताकि भीषण गर्मी के बीच किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके.

रेड क्रॉस सचिव ने दी सतर्कता बरतने की सलाह 

वहीं, रेड क्रॉस के सचिव डॉ श्रवण कुमार तिवारी ने भीषण गर्मी के मद्देनजर लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी के दौरान दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा शरीर में पानी की कमी न होने दें. उन्होंने यह भी सलाह दी कि बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि यह वर्ग हीट स्ट्रोक के प्रति अधिक संवेदनशील होता है.

इस तरह के लक्षण नजर आने पर तुरंत करें संपर्क 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में संपर्क करें. प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि बक्सर में भीषण गर्मी के इस दौर में लोगों को सुरक्षित रखा जा सके.














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