आरोप है कि बाद में पूर्व जिला परिषद सदस्य सोनू सिंह समेत कई लोग थाना पहुंचे और केस नहीं करने का दबाव बनाने लगे. विरोध करने पर नागेन्द्र कुमार यादव के साथ थाना परिसर में ही मारपीट और गाली-गलौज की गई.

- बिजली चोरी पकड़ने पहुंची टीम पर धारदार हथियार और लाठी से हमला, एक कर्मी को बनाया बंधक
- थाना परिसर में भी दबाव और हंगामा, केस वापस लेने को दी गई धमकी
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ छापेमारी करने गई टीम पर जानलेवा हमला कर दिया गया. इस मामले में पूर्व जिला परिषद सदस्य सोनू सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आरोप है कि जांच के दौरान टीम पर हमला कर एक कर्मचारी को बंधक बना लिया गया और बाद में थाना परिसर में भी केस नहीं करने का दबाव बनाया गया.
कनीय विद्युत अभियंता मनीष कुमार द्वारा थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार 22 अप्रैल 2026 को विद्युत चोरी के खिलाफ छापेमारी के लिए एक टीम गठित की गई थी. इस टीम में विजय प्रसाद, उपेन्द्र कुमार ठाकुर, सुनील कुमार प्रजापति, नागेन्द्र कुमार यादव, कन्हैया कुमार मिश्र और पंकज यादव शामिल थे.
टीम जब अरक पूरब टोला निवासी जितु ठाकुर के घर पहुंची तो जांच में पाया गया कि मीटर के मुख्य सर्विस वायर को काटकर अवैध तार जोड़ते हुए बिजली की चोरी की जा रही थी. जैसे ही टीम ने जांच शुरू की, आरोप है कि जितु ठाकुर और उनकी मां ने लाठी और धारदार हथियार से हमला कर दिया.
हमले के दौरान टीम के सदस्य जान बचाकर भागने लगे, लेकिन सुनील कुमार प्रजापति को पकड़कर बंधक बना लिया गया. आरोप है कि जितु ठाकुर, बिट्टु ठाकुर, दुर्गा गोन्ड, सोनु गोन्ड, मोनु गोन्ड, संजय ठाकुर, राजबली गोन्ड, राजेश चौधरी, बनारसी गोन्ड समेत अन्य लोगों ने मिलकर उनकी बेरहमी से पिटाई की और जान से मारने की कोशिश की.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए कर्मचारी को छुड़ाया. इस दौरान जितु ठाकुर, उनकी मां और बिट्टु ठाकुर को गिरफ्तार कर थाना लाया गया. हमले में मनीष कुमार, सुनील कुमार प्रजापति, कन्हैया कुमार मिश्र और पंकज यादव घायल हो गए, जिन्हें अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव में इलाज के लिए भेजा गया.
मामला यहीं शांत नहीं हुआ. आरोप है कि बाद में पूर्व जिला परिषद सदस्य सोनू सिंह समेत कई लोग थाना पहुंचे और केस नहीं करने का दबाव बनाने लगे. विरोध करने पर नागेन्द्र कुमार यादव के साथ थाना परिसर में ही मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई.
आवेदन में सोनू सिंह, आदर्श सिंह उर्फ विकास सिंह, प्रदीप सिंह, राजबली गोन्ड, रामायण सिंह, गोलू सिंह, विवेक सिंह समेत अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है.
पीड़ित अभियंता ने सभी आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, जानलेवा हमला करने, बंधक बनाने, गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.





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