वीडियो : महिला आरक्षण मुद्दे पर बक्सर में विरोध तेज, सड़कों पर दिखा आक्रोश ..

कहा कि इंडी गठबंधन हमेशा से परिवारवाद की राजनीति में विश्वास रखता है. ऐसे में उन्होंने इस बिल को गिराकर नारी सम्मान को आघात पहुंचाया है जिसका पुरजोर विरोध होगा. आज बक्सर में इसकी शुरुआत की गई इसके बाद यह लगातार प्रदेश के अन्य जिलों में भी जारी रहेगा.





                               


  • कांग्रेस और सहयोगी दलों पर गंभीर आरोप
  • आंदोलन को अन्य जिलों तक ले जाने की तैयारी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : महिला आरक्षण बिल के सदन में पारित नहीं होने के विरोध में बक्सर में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने एक आक्रोश मार्च निकाला आक्रोश मार्च बंगला घाट स्थित जायसवाल मेंशन से शुरु होकर भगत सिंह पार्क तक गया जहां शहीद भगत सिंह को माल्यार्पण करते हुए इसका समापन किया गया. महिलाओं ने राहुल-तेजस्वी मुर्दाबाद और इंडी गठबंधन मुर्दाबाद जैसे नारे  लगाएं और विपक्षी दलों को महिला विरोधी करार दिया.

इसके पूर्व नगर के बंगला घाट स्थित जायसवाल मेंशन में एक सभा का आयोजन किया गया जिसमें महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष शीला सिंह कुशवाहा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रही. सभा में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सदन में महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका उसे देखकर यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोग महिलाओं के सम्मान के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन हमेशा से परिवारवाद की राजनीति में विश्वास रखता है. ऐसे में उन्होंने इस बिल को गिराकर नारी सम्मान को आघात पहुंचाया है जिसका पुरजोर विरोध होगा. आज बक्सर में इसकी शुरुआत की गई इसके बाद यह लगातार प्रदेश के अन्य जिलों में भी जारी रहेगा.


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कंचन देवी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33% आरक्षण का बिल सदन में पास ना हो पाना यह साबित करता है कि कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दल नहीं चाहते कि नारियों को उनका अधिकार मिले. दुर्भाग्य है कि उन्हें इस बात का इल्म नहीं है कि यह अधिनियम न सिर्फ भाजपा बल्कि सभी दलों के महिलाओं के अधिकारों के लिए आवश्यक था. यह शर्म की बात है कि सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राबड़ी देवी जैसी महिलाएं भी इस बात को नहीं समझ पा रही.

महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष पिंकी पाठक ने कहा कि नारियों का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिस तरह से विपक्षी दलों ने इस बिल को पास न होने देकर महिलाओं का अपमान किया है वह दुर्भागरपूर्ण है और उसका पुरजोर और विरोध करते हुए आंदोलन जारी रखा जाएगा.

कार्यक्रम में प्रदेश परिषद सदस्य चंदा पांडेय के साथ-साथ पुष्पा सिंह, रेखा वर्मा, तारामुनि देवी, नीलम सहाय, स्वाति कुमारी सिंह, ममता देवी मालती देवी, धनवंती देवी, सीता देवी मालती देवी, आरती देवी, बिंदु देवी, उषा कुमारी, आशा देवी, समुद्री देवी, बिंदा देवी, रीता देवी, सुधा गुप्ता रिंकू कुमारी, प्रमिला पांडेय, किस्मतिया देवी, वहीदा खातून, हाजरा खातून, चिंता देवी, शीला देवी, निर्मला देवी, किरण जा, नाजरीन बेगम, संजू कुमारी, शहनाज कुमारी उषा देवी समेत कई महिलाएं शामिल रही.
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