ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा भारी वाहनों पर प्रतिबंध के संदर्भ में एक सूचना पट्ट भी इस मार्ग पर लगा दिया गया है. लेकिन उसका अनुपालन ट्रक चालक कितना कर पाते होंगे यह कहना मुश्किल है.
- मरम्मत के नाम पर की जा रही खानापूर्ति
- बरसात में स्थिति भयावह होने की आशंका से डरे हैं लोग
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिला मुख्यालय के गोलंबर से जासो - नदांव - जगदीशपुर के रास्ते डुमरांव के साफखाना रोड तक जाने वाली सड़क की बदहाली अब तक दूर नहीं हो सकी है. इस सड़क के निर्माण अथवा मरम्मत को लेकर जनता के द्वारा लगातार की जाने वाली मांग को देखते हुए समय-समय पर अनुरक्षण नीति के तहत इसकी मरम्मत होती है, लेकिन वह मरम्मत महीने भर कौन कहे कुछ दिनों तक भी नहीं चल पाती. ऐसे में यह सड़क निर्माण के प्रारंभिक कुछ महीनों को छोड़कर कभी भी चलने लायक नहीं रही.
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के दो प्रमुख कारण हैं. पहला कारण यह है कि गांव से निकलने वाला नाली का पानी सीधे सड़क पर आकर गिरता है दूसरा कारण यह है कि इस मार्ग से भारी वाहन का आवागमन बेरोकटोक जारी रहता होता है. ऐसे में यह ग्रामीण सड़क टूट जाती है.
विधानसभा चुनाव में सड़क को लेकर खूब हुई थी राजनीति, बनी थी चुनावी मुद्दा
इस सड़क को लेकर विधानसभा चुनाव में खूब राजनीति हुई थी. बीजेपी प्रत्याशी तथा वर्तमान सदर विधायक आनन्द मिश्र ने इस सड़क की हालत को लेकर विधायक को घेरा था, जबकि तत्कालीन विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने इस मामले को लेकर सदन में आवाज उठाई थी और कहा था कि इस सड़क का उन्नयनीकरण किया जाना चाहिए, हालांकि ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों ने साफ़ बताया था कि सड़क का नवनिर्माण अभी नहीं हो सकता है क्योंकि यह 5 साल तक के अनुरक्षण नीति के तहत है. ऐसे में सड़क की केवल मरम्मत हो सकती है.
जुलाई 2026 के बाद ही दूसरी सड़क निर्माण की मिल सकती है अनुमति
दरअसल, 16 किलोमीटर लंबी यह सड़क 29 जुलाई 2021 को बन कर तैयार हुई थी. इसके निर्माण में 3 करोड़ 34 लाख 58 हजार 193 रुपये खर्च हुए थे. साथ ही पांच वर्ष तक सड़क के अनुरक्षण के लिए 1 करोड़ 66 लाख 79 हजार 112 रुपयों की राशि निर्धारित थी. ऐसे में अनुरक्षण की अवधि जून 2026 में खत्म हो रही है. इसके बाद ही अब सड़क के उन्नयनीकरण अथवा नई सड़क के निर्माण का प्रस्ताव पास हो सकता है.
जुलाई 2026 तक अनुरक्षण नीति के तहत सड़क की होनी है मरम्मत, संवेदक कर रहा खानापूर्ति
इस सड़क की मरम्मत पूरे 5 साल तक की जानी थी, लेकिन संवेदक शिव भजन सिंह के द्वारा मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई. जब भी कभी सड़क में टूट-फूट हुई तो उनके द्वारा किसी तरीके से उसे दुरुस्त कर केवल काम चलाया गया. विभागीय सूत्रों का कहना है कि उनका यह रोना था कि उन्होंने सड़क निर्माण के लिए निविदा के समय काफी कम राशि में सड़क निर्माण का करार कर लिया. ऐसे में उन्हें भारी नुकसान हुआ.
प्रतिबंध के बाद भी भारी वाहनों का आवागमन जारी, विभाग ने लगा रखा है बोर्ड
सड़क की खराब हालत की वजहों में एक मुख्य वजह भारी वाहनों का आवागमन भी है. ग्रामीण सड़क होने की वजह से इस पर भारी वाहनों का आवागमन किया जाना सड़क की सेहत के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन टोल प्लाजा से बच कर डुमरांव की तरफ जाने के लिए बालू लदे ट्रक और अन्य भारी वाहनों के चालक इस रास्ते का नियमित रूप से प्रयोग करते रहते हैं.ऐसे में सड़क का टूटना लाजमी है. हाल के दिनों में ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा भारी वाहनों पर प्रतिबंध के संदर्भ में एक सूचना पट्ट भी इस मार्ग पर लगा दिया गया है. लेकिन उसका अनुपालन ट्रक चालक कितना कर पाते होंगे यह कहना मुश्किल है.
सड़क पर सालों भर जमा रहता है नाली का गंदा पानी, इस बरसात भी नहीं दिख रहा समस्या का समाधान
नदांव गांव निवासी मंटू कुमार उर्फ बबुआ जी इस सड़क के निर्माण और मरम्मत के लिए नियमित रूप से आवाज उठाते रहते हैं. विधायक और जनप्रतिनिधियों को पत्र सौंपने के अतिरिक्त सोशल मीडिया पर भी लगातार सड़क की बदहाली की चर्चा करते रहते हैं. उनका कहना है कि जल निकासी का प्रबंध नहीं होने के कारण बरसात ही नहीं दूसरे मौसम में भी सड़क पर जल जमाव रहता है. जिसमें गिरकर लोग चोटिल होते रहते हैं.
कहते हैं अधिकारी
सड़क की वर्तमान स्थिति से विभाग को अवगत करा दिया गया है. अब विभाग के निर्देश का इंतजार है. निर्देश के आलोक में आगे का कार्य किया जाएगा.
रणविजय सिंह
कार्यपालक अभियंता
ग्रामीण कार्य विभाग, बक्सर






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