कहना है कि जब तक डीडीसी खुद धरना स्थल पर आकर बात नहीं करेंगी, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अब धरना केवल लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही समाप्त किया जाएगा.
- डीडीसी के नहीं पहुंचने पर बढ़ा आक्रोश, 15 दिन के आश्वासन को किया खारिज
- लिखित भरोसे और डीसी की मौजूदगी पर अड़े जनप्रतिनिधि, आंदोलन होगा और तेज
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिला परिषद के विकास कार्यों में लंबित भुगतान और योजनाओं पर रोक को लेकर शुरू हुआ जनप्रतिनिधियों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा. डीडीसी के धरना स्थल पर नहीं पहुंचने से नाराज जिला परिषद सदस्यों ने आंदोलन और तेज करने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित भरोसा और डीडीसी की मौजूदगी के बाद ही धरना खत्म होगा.
जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार ने बताया कि धरने के दूसरे दिन भी डीडीसी स्वयं स्थल पर नहीं पहुंची. उनकी जगह अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बलिराम प्रसाद को भेजा गया, जिन्होंने आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए धरना समाप्त करने का अनुरोध किया. साथ ही 15 दिनों के भीतर भुगतान और अन्य कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया गया.
आश्वासन ठुकराया, बोले—लिखित गारंटी चाहिए
धरना पर बैठे जनप्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया. उनका कहना है कि जब तक डीडीसी खुद धरना स्थल पर आकर बात नहीं करेंगी, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अब धरना केवल लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही समाप्त किया जाएगा.
‘साढ़े चार महीने से सिर्फ वादा’
जिला परिषद सदस्यों ने आरोप लगाया कि पिछले करीब साढ़े चार महीनों से केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ. ऐसे में अब अधिकारियों की बातों पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है.
पुतला दहन और काली पट्टी बांधने का ऐलान
जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि वीर कुंवर सिंह जयंती की छुट्टी के बावजूद गुरुवार को भी धरना जारी रहेगा. साथ ही काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और डीडीसी का पुतला दहन कर आक्रोश जताया जाएगा.
‘धरना स्थल पर आएं डीडीसी, तभी होगी बातचीत’
जिला परिषद अध्यक्ष सरोजा देवी के प्रतिनिधि परमानंद यादव ने बताया कि डीडीसी की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को कार्यालय में बुलाने का संदेश भेजा गया था. लेकिन सदस्यों ने स्पष्ट कर दिया कि बातचीत तभी होगी जब डीडीसी खुद धरना स्थल पर आएंगी या जिला परिषद कार्यालय स्थित अपने कक्ष में मौजूद रहेंगी.
भीषण गर्मी में स्वास्थ्य सुविधा नहीं, उठे सवाल
लगभग 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच धरना पर बैठे जनप्रतिनिधियों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. जिला परिषद सदस्य पूजा कुमारी ने बताया कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई चिकित्सक स्वास्थ्य जांच के लिए नहीं पहुंचा है. इससे प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
पहले से जारी है करोड़ों की राशि को लेकर विवाद
गौरतलब है कि जिला परिषद सदस्य पहले दिन से ही 15वीं वित्त आयोग और षष्टम राज्य वित्त आयोग की करोड़ों रुपये की लंबित राशि, पूर्ण कार्यों के भुगतान और नई योजनाओं पर रोक के विरोध में धरना दे रहे हैं. उनका आरोप है कि विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं और जनता के बीच जवाब देना मुश्किल हो गया है.
उधर इस मामले में डीडीसी निहारिका छवि का पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन मीटिंग में होने के कारण उनका पक्ष ज्ञात नहीं हो सका.
धरना स्थल पर जिप अध्यक्ष सरोजा देवी, उनके प्रतिनिधि परमानंद यादव, पूजा कुमारी (चौसा), बेबी देवी (ब्रह्मपुर), नीलम देवी (उपाध्यक्ष, चौसा), सुनैना देवी (डुमरांव), गायत्री देवी (राजपुर), ममता कुमारी (बक्सर पश्चिमी), राजीव कुमार (नावानगर), केदार यादव (सिमरी मध्य), धर्मेंद्र ठाकुर (बक्सर पूर्वी) और मनोज कुशवाहा (राजपुर) मौजूद रहे.






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