कहा कि इस अवसर का पूरा लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनना प्रत्येक दीदी का लक्ष्य होना चाहिए. उन्होंने बेहतर ढंग से प्रशिक्षण लेने और उसे व्यवहारिक जीवन में अपनाने की अपील की.
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महिलाओं को संबोधित करते अधिकारी |
- दीप प्रज्वलित कर हुआ सात दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
- आंगनवाड़ी बच्चों की ड्रेस तैयार कर दीदियां बनेंगी आर्थिक रूप से शसक्त
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जीविका दीदियों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से शसक्त बनाने के उद्देश्य से संस्कार जीविका महिला संकुल संघ कार्यालय नावानगर में सात दिवसीय गैर आवासीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई. कार्यक्रम का शुभारंभ जीविका जिला परियोजना प्रबंधक दयानिधि चौबे, बीडीओ मनोज कुमार, बीपीएम पप्पू प्रसाद और संकुल संघ अध्यक्ष रीना देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
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दीप प्रज्ज्वलित करते अधिकारी व अन्य |
बीपीएम पप्पू प्रसाद ने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रखंड के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए साल में दो सेट ड्रेस जीविका दीदियों द्वारा तैयार कराना है. प्रशिक्षण प्राप्त कर दीदियां न केवल हुनर हासिल करेंगी बल्कि गांव में रहकर वर्ष भर सिलाई कार्य कर आय अर्जित कर सकेंगी.
बीडीओ मनोज कुमार ने दीदियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस अवसर का पूरा लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनना प्रत्येक दीदी का लक्ष्य होना चाहिए. उन्होंने बेहतर ढंग से प्रशिक्षण लेने और उसे व्यवहारिक जीवन में अपनाने की अपील की.
वहीं, जीविका जिला परियोजना प्रबंधक दयानिधि चौबे ने सिलाई प्रशिक्षण को दीर्घकालिक रोजगार का साधन बताते हुए कहा कि भविष्य में दीदियां सिलाई सेंटर खोलकर न केवल खुद को बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकती हैं. ऐसे केंद्रों से लगभग 100 दीदियों को प्रतिदिन कार्य करने का अवसर मिलेगा.
इस मौके पर संकुल संघ अध्यक्ष रीना देवी समेत बड़ी संख्या में जीविका दीदियां उपस्थित रहीं और आत्मनिर्भरता की इस पहल में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की.
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