ड्रग माफियाओं का खात्मा करने वाले आनन्द मिश्रा नगर परिषद के कमीशन राज पर बरसे — बोले: “जेल जाने को रहे तैयार, मैं कराऊंगा एफआइआर .."

उन्होंने भ्रष्टाचार, कमीशन राज और मनमानी के खिलाफ खुली चेतावनी देकर संकेत दे दिया कि जिस तरह उन्होंने असम में माफिया तंत्र को तोड़ा था, उसी तरह अब बक्सर में भ्रष्टाचार के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए तैयार हैं.






                                         





  • पार्षदों ने सफाई व्यवस्था और एनजीओ की कार्यशैली पर लगाए गंभीर आरोप. वाटर एटीएम से लेकर संसाधन की कमी तक शहर की समस्याओं की खुली फेहरिस्त
  • विधायक बोले — काम कागज पर नहीं जमीन पर दिखना चाहिए. जनहित कार्यों में बाधा बने अधिकारी और कर्मी कार्रवाई के लिए तैयार रहें

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : असम में आईपीएस के तौर पर रहते हुए ड्रग माफियाओं का खात्मा कर सख्त प्रशासनिक पहचान बनाने वाले सदर के नवनिर्वाचित विधायक आनंद मिश्रा ने नगर परिषद की बैठक के दौरान उतने ही कठोर और स्पष्ट तेवर दिखाए. बैठक में शामिल होते ही उन्होंने भ्रष्टाचार, कमीशन राज और मनमानी के खिलाफ खुली चेतावनी देकर संकेत दे दिया कि जिस तरह उन्होंने असम में माफिया तंत्र को तोड़ा था, उसी तरह अब बक्सर में भ्रष्टाचार के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए तैयार हैं.

नगर परिषद कार्यालय के सभागार में आयोजित बोर्ड की सामान्य बैठक की अध्यक्षता सभापति कमरून निशा और उपाध्यक्ष ने की. बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विधायक आनंद मिश्रा और सांसद प्रतिनिधि सूर्य प्रताप सिंह उर्फ ददन सिंह का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया. बैठक में नगर की सफाई व्यवस्था, एनजीओ की कार्यप्रणाली, गोला घाट से सती घाट तक नौकायान व टहलने की व्यवस्था और श्मशान घाट पर जनसुविधा जैसे चार मुख्य एजेंडों पर चर्चा हुई.


सफाई व्यवस्था पर गरमाए वार्ड सदस्य

स्थायी सशक्त समिति के सदस्य इंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्वच्छता पदाधिकारी अपने फायदे के लिए एनजीओ पर दबाव बनाते हैं. वार्ड संख्या 10 के पार्षद राहुल यादव ने कहा कि पांडेयपट्टी में हमेशा कचरे का ढेर लगा रहता है. पार्षद दीपक सिंह ने कहा कि सफाई निरीक्षक बैठकों में नहीं आता, संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते और शहर बदबू और कचरे से त्रस्त है. उन्होंने बताया कि पंचकोसी मेला के दौरान एक पानी का टैंकर मांगा गया था, लेकिन उसे भी नजरअंदाज किया गया.

पार्षद चक्रवर्ती चौधरी ने कहा कि पहले 84 लाख रुपये में सफाई का अनुबंध हुआ था और इस बार 1.16 करोड़ रुपये में, लेकिन सफाई व्यवस्था में सुधार का नाम नहीं है. शहर में लगाए गए वाटर एटीएम खराब पड़े हैं और कोई जवाबदेही तय नहीं की जा रही. पार्षद रंजीत कुमार श्रीवास्तव ने अपने वार्ड में योजनाओं की अनदेखी की बात कही. पार्षद जगदीश कुमार, हिटलर सिंह समेत अन्य पार्षदों ने भी सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए. ईओ मनीष कुमार ने कहा कि बोर्ड की सहमति और तय प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी.



विधायक आनंद मिश्र का कड़ा संदेश

पूरी चर्चा के बाद विधायक आनंद मिश्रा ने कहा कि कोई भी मांग मौखिक न रहे, बल्कि लिखित रूप में दी जाए ताकि कार्रवाई स्पष्ट हो सके. उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा —
“जो भी अधिकारी मनमानी करेगा या कमीशन मांगेगा, उसके खिलाफ मैं स्वयं एफआईआर दर्ज कराऊंगा और ऐसे अधिकारी जेल जाने के लिए तैयार रहें.”

उन्होंने आगे कहा —
“काम कागज पर नहीं बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए. जनहित के कार्यों पर ब्रेक लगाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.”

विधायक ने कहा कि बक्सर के विकास को केवल आज के अनुसार नहीं बल्कि आने वाले 50 वर्षों की दृष्टि से डिज़ाइन किया जाना चाहिए. यदि कार्यों में किसी स्तर पर बाधा उत्पन्न होती है तो वह व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर समाधान सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह मंत्रालय से लेकर विधानसभा तक हर स्तर पर बक्सर की आवाज उठाने के लिए तैयार हैं.

बैठक में स्थाई सशक्त समिति के सदस्य अंजू सिंह, राजीव कुमार राय उर्फ झब्बू राय, मनोज कुमार, दिलीप कुमार समेत सभी वार्ड सदस्य मौजूद रहे.








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