सरकार से स्पष्ट मांग की कि ऐसे मानसिकता वाले अधिकारियों पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई भी बेटियों के सम्मान पर टिप्पणी करने की हिम्मत न कर सके.

- आइएएस संतोष वर्मा के खिलाफ सिकटौना श्रीधराचार्य गुरूकुलम में उग्र प्रदर्शन
- पुतला दहन कर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग, चेतावनी — कार्रवाई नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : मध्यप्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण बेटियों पर दिए गए विवादित एवं आपत्तिजनक बयान के विरोध में आज विश्वामित्र सेना के नेतृत्व में सिकटौना श्रीधराचार्य गुरूकुलम परिसर में उग्र विरोध प्रदर्शन किया गया. गुरूकुलम के छात्रों एवं सेना के पदाधिकारियों ने बयान को समाज और संस्कृति पर सीधा हमला करार देते हुए जोरदार नारेबाजी की और संतोष वर्मा का पुतला दहन कर प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की.
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि एक उच्च संवैधानिक दायित्व वाले पद पर रहते हुए समाज के किसी भी वर्ग — विशेषकर बेटियों — पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना न केवल अनुचित है बल्कि सामाजिक सौहार्द, गरिमा और संविधानिक मर्यादाओं के भी विपरीत है. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह बयान न केवल सोच की गिरावट दर्शाता है बल्कि समाज के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला भी है.
इस दौरान सभी छात्रों एवं पदाधिकारियों ने सरकार से स्पष्ट मांग की कि ऐसे मानसिकता वाले अधिकारियों पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई भी बेटियों के सम्मान पर टिप्पणी करने की हिम्मत न कर सके. विरोधकर्ताओं ने कहा कि बेटियों के सम्मान पर समझौता नहीं किया जाएगा और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष हर स्तर पर जारी रहेगा.
विश्वामित्र सेना ने साफ चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो यह विरोध व्यापक आंदोलन का रूप लेगा. सेना का कहना है कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज के सम्मान, समरसता और संस्कृति की रक्षा के लिए है. गुरूकुलम परिसर में विरोध के दौरान गुस्सा और आक्रोश साफ नजर आ रहा था और सभी ने एक ही आवाज में संदेश दिया — "बेटियों के सम्मान से समझौता नहीं."





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