गांव से राष्ट्र तक गूंजेगी साहित्य की आवाज, डुमरांव साहित्य उत्सव का भव्य आयोजन ..

सम्मेलन में हिंदी एवं भोजपुरी भाषा के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है.सम्मेलन के दौरान साहित्य सृजन, भाषा की समृद्ध परंपरा, लोकसंस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर विचार-विमर्श किया जाएगा.

 




                                         




  • ‘आपन उत्सव गंवई उत्सव’ में सजेगा हिंदी-भोजपुरी का राष्ट्रीय साहित्य मंच
  • साहित्यकारों के सम्मान के साथ संस्कृति और संस्कार पर होगा मंथन

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : भोजपुरी भाषा, साहित्य और लोकसंस्कृति को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से बड़का सिंहनपुरा, थाना सिमरी, जिला बक्सर (बिहार) में डुमरांव साहित्य उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है.‘आपन उत्सव गंवई उत्सव’ की भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम का संदेश है—जय भोजपुरी.जय भोजपुरिया.साहित्य–संस्कृति–संस्कार.

समाजसेवी संगठन के तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव का नेतृत्व अग्रणी समाजसेवक शशिभूषण ओझा (भूतपूर्व सैनिक) एवं ऋषिकेश ओझा त्यागी द्वारा किया जा रहा है.कार्यक्रम के अंतर्गत “साहित्योदय”, “भोजपुरी सरधा मंच” बिहार एवं आर.एस. एजुकेशन फाउंडेशन की संयुक्त सहभागिता से राष्ट्रीय साहित्य-सम्मेलन सह सम्मान-समारोह का आयोजन होगा.

इस साहित्य सम्मेलन में हिंदी एवं भोजपुरी भाषा के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है.सम्मेलन के दौरान साहित्य सृजन, भाषा की समृद्ध परंपरा, लोकसंस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर विचार-विमर्श किया जाएगा.साथ ही साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित कर उनके कार्यों को नई पहचान दी जाएगी.

कार्यक्रम का आयोजन त्यागी रॉयल पैलेस, बड़का सिंहनपुरा में किया जाएगा.इस आयोजन के स्वागताकांक्षी के रूप में गुड्डू गुलशन यदुवंशी, प्रदेश अध्यक्ष सक्रिय भूमिका निभाएंगे.वहीं संतोष ओझा प्रभाकर, राष्ट्रदा महासचिव, भोजपुरी सरधा मंच में जिला महासचिव पनवाद एवं साहित्योदय से जुड़े दायित्वों का निर्वहन करेंगे.

आयोजकों ने बताया कि यह उत्सव केवल साहित्यिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव, भाषा और लोकसंस्कृति को सम्मान देने का अभियान है.इस तरह के आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिलेगा और नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ेगी.










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