जहां भाजपा और एनडीए से जुड़े नेताओं ने इसे विकसित भारत, आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक विकास का रोडमैप बताया, वहीं विपक्ष और कुछ बुद्धिजीवियों ने बिहार की उपेक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और मध्यम वर्ग को राहत न मिलने जैसे मुद्दों पर कड़ी आपत्ति जताई.
- सत्तापक्ष ने बताया विकसित भारत की मजबूत आधारशिला, विपक्ष ने उठाए बिहार, रोजगार और मध्यम वर्ग के सवाल
- महिला मोर्चा, युवा नेता, उद्यमी, अधिवक्ता, शिक्षाविद और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं से बजट पर बनी बहुआयामी तस्वीर
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर बक्सर जिले में राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, उद्यमियों, अधिवक्ताओं और शिक्षाविदों के बीच व्यापक चर्चा देखने को मिली. बजट पर आई प्रतिक्रियाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि इसे लेकर जिले में एकराय नहीं है. जहां भाजपा और एनडीए से जुड़े नेताओं ने इसे विकसित भारत, आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक विकास का रोडमैप बताया, वहीं विपक्ष और कुछ बुद्धिजीवियों ने बिहार की उपेक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और मध्यम वर्ग को राहत न मिलने जैसे मुद्दों पर कड़ी आपत्ति जताई.
भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष कंचन देवी ने कहा कि इस बजट में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है. लखपति दीदी योजना का विस्तार, स्वयं सहायता समूहों को मजबूती, महिला उद्यमिता को बढ़ावा और प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास की घोषणा महिलाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. उन्होंने कहा कि यह बजट महिलाओं को केवल सहायता नहीं बल्कि सम्मान के साथ अवसर देने वाला है.
भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता रानी चौबे ने बजट को बिहार-हितैषी बताते हुए कहा कि कृषि अवसंरचना, सिंचाई, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि कौशल विकास और महिला उद्यमिता पर जोर बिहार की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा.
भाजपा नेत्री वर्षा पांडेय ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देता है. यह बजट तात्कालिक लोकलुभावन नहीं बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखने वाला है. पूंजीगत निवेश बढ़ाकर सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि देश का भविष्य मजबूत आर्थिक ढांचे पर ही खड़ा होगा.
जद(यू) की प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने बजट को बिहार के विकास, सम्मान और सहभागिता का बजट बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास की भावना को मजबूत करता है. वंचित, पिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सम्मान के साथ अवसर देने की सोच बिहार जैसे राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
भाजपा जिला उपाध्यक्ष शीला त्रिवेदी ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वित्त मंत्री द्वारा नौवीं बार बजट पेश करना अपने-आप में एक रिकॉर्ड है. आज़ाद भारत में पहली बार रविवार को बजट पेश किया गया, जो नई परंपरा का संकेत है. उन्होंने कहा कि बजट में विकसित भारत का स्पष्ट रोडमैप दिखाई देता है.
भाजपा नेता विजय मिश्रा ने बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत निवेश पर विशेष जोर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताया. उन्होंने कहा कि सड़क, रेल, औद्योगिक और डिजिटल नेटवर्क के विस्तार से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी.
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. राजेश सिन्हा ने बजट को “आत्मनिर्भर भारत का एक्सप्रेस-वे” करार दिया. उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगों के लिए घोषित योजनाएं देश के विकास को नई गति देंगी. हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, शिक्षा क्षेत्र के लिए भारी बजट, दिव्यांग कौशल योजना, महिला छात्रावास और खादी-हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की घोषणाएं दूरगामी परिणाम देने वाली हैं.
भाजपा नेता प्रदीप राय ने कहा कि यह बजट आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और आत्मनिर्भर भारत को सशक्त करने वाला है. इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर दिया गया जोर देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है.
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश संयोजक दीपक यादव ने बजट को राष्ट्र निर्माण की स्पष्ट प्रतिबद्धता का दस्तावेज बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं बल्कि कर्तव्यबोध, आत्मनिर्भरता और आर्थिक संप्रभुता को दर्शाता है. युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप और नवाचार, किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के प्रावधान देश के समावेशी विकास को सुनिश्चित करते हैं.
उद्यमी वर्ग की ओर से उद्यमी संघ के जिला अध्यक्ष बृज किशोर सिंह ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप और पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने से उद्योग और व्यापार को गति मिलेगी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए स्थानीय स्तर पर और विशेष प्रोत्साहन दिए जाने की आवश्यकता है, ताकि छोटे उद्यमी भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें.
आयकर एवं जीएसटी अधिवक्ता सुरेश संगम ने बजट को कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और अनुपालन-अनुकूल बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया. उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित टैक्स प्रशासन से करदाताओं को सुविधा मिलेगी, हालांकि मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को प्रत्यक्ष कर में और राहत की उम्मीद थी.
शिक्षा जगत से प्रतिक्रिया देते हुए महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. अमित मिश्र ने बजट पर निराशा जताई. उन्होंने कहा कि नौकरीपेशा और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बजट में कुछ भी नया नहीं है. टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया और बक्सर-बलिया रेलमार्ग जैसे बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट पर भी कोई घोषणा नहीं हुई, जिससे क्षेत्र के लोगों में मायूसी है.
कांग्रेस के वरीय नेता टीएन चौबे ने बजट की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग को इस बजट से वंचित किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट आम जनता के बजाय उद्योगपतियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे आम लोग संतुष्ट नहीं हैं.
वहीं बजट को लेकर सामने आई एक अन्य तीखी प्रतिक्रिया में यह सवाल उठाया गया कि चुनाव समाप्त होते ही बिहार को फिर नजरअंदाज कर दिया गया. आलोचकों का कहना है कि रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और बड़े संस्थानों की स्थापना में बिहार को अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिली. कैंसर उपचार, मेडिकल हब, शिक्षा संस्थानों और रेलवे विस्तार जैसे मुद्दों पर ठोस घोषणाओं के अभाव को लेकर भी नाराजगी जताई गई.
कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर बक्सर में समर्थन, संतोष, उम्मीद और असंतोष की तमाम आवाजें एक साथ सुनाई दीं. यह बजट जहां एक वर्ग को विकसित भारत का सपना साकार होता दिख रहा है, वहीं दूसरे वर्ग के लिए यह कई अधूरी अपेक्षाएं और सवाल छोड़ गया है.




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