इकलौती बहन की शादी से पहले ही दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत, उजड़ गया पूरा परिवार

मनीषा बार-बार यही कह रही है कि मेरे दोनों भाई मेरी शादी की तैयारी कर रहे थे, मुझे छोड़कर कैसे चले गए. घर के हर कोने में रखे शादी के कपड़े, गहने और उपहार अब उस खुशी की दर्दनाक याद दिला रहे हैं, जो पल भर में मातम में बदल गई.

रोते बिलखते स्वजन, इनसेट में मृत भाइयों की फाइल फोटो






                                         



  • जहां गूंजनी थीं शादी की शहनाइयां, वहां पसरा मातम और चीख-पुकार
  • आरा-बक्सर फोरलेन बना मौत का रास्ता, लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं से दहशत

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : राष्ट्रीय राजमार्ग 922, आरा-बक्सर फोरलेन पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी. इकलौती बहन की शादी से ठीक पहले दो सगे भाइयों समेत चार लोगों की मौत ने खुशियों से भरे घर को मातम में बदल दिया. माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए निकले एसएसबी जवान ओमकार पांडेय, उनके छोटे भाई सुजीत पांडेय और दोनों बुआ सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए. जहां कुछ घंटों बाद तिलक की तैयारियां होनी थीं, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा है.

40 वर्षीय एसएसबी जवान ओमकार पांडेय तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे. करीब आठ साल पहले पिता स्व. चितरंजन पांडेय के निधन के बाद घर और परिवार की पूरी जिम्मेदारी ओमकार और उनके छोटे भाई सुजीत ने संभाली थी. दोनों भाइयों ने न सिर्फ परिवार को सहारा दिया, बल्कि बहन मनीषा की पढ़ाई, करियर और शादी तक की जिम्मेदारी भी पूरी शिद्दत से निभाई. उनका सपना था कि बहन की शादी धूमधाम से हो और इसी के लिए वे महीनों से तैयारियों में जुटे थे.

सुजीत पांडेय गुजरात की टाटा नमक कंपनी में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे. दोनों भाइयों की शादी हो चुकी थी. ओमकार के तीन बेटियां और एक बेटा है. परिवार के सबसे छोटे सदस्य पवन पांडेय और बहन मनीषा आज अपने जीवन का सबसे बड़ा सदमा झेल रहे हैं. पिता के बाद जिन भाइयों ने घर को संभाला, वही दोनों एक साथ इस दुनिया से चले गए.

मनीषा की शादी आठ फरवरी को तय थी और दो फरवरी को बभनी गांव में तिलक समारोह होना था. तिलक के लिए दो से तीन लाख रुपये का सामान पहले ही तैयार कर लिया गया था. रिश्तेदारों का आना शुरू हो चुका था. घर में शादी के गीत, खरीदारी और तैयारियों की गूंज थी. परिवार वालों के अनुसार ओमकार और सुजीत दिन-रात एक कर यह कहते रहते थे कि बहन की शादी में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.

रविवार सुबह करीब पांच बजे ओमकार पांडेय अपनी ऑल्टो कार (UP65BG8620) से बक्सर की ओर गंगा स्नान के लिए निकले. कार में उनके साथ भाई सुजीत और दोनों बुआ गिरजा देवी व मंजू देवी सवार थीं. नया भोजपुर थाना क्षेत्र के चंदा गांव के पास घना कोहरा छाया हुआ था. आगे एक ट्रक धीमी रफ्तार से चल रहा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार आगे और पीछे के ट्रकों के बीच पूरी तरह दब गई. कार की हालत ऐसी हो गई कि उसकी पहचान तक मुश्किल हो गई.

हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सुजीत पांडेय को बक्सर सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया. हादसे के बाद आगे चल रहा ट्रक फरार हो गया, जबकि पीछे से टक्कर मारने वाला ट्रक कुछ दूरी पर छोड़कर चालक भाग निकला. पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश जारी है.

खबर गांव पहुंचते ही कृतसागर, नेनुआ और भरखरा में कोहराम मच गया. बहन मनीषा और भाई पवन का रो-रोकर बुरा हाल है. मनीषा बार-बार यही कह रही है कि मेरे दोनों भाई मेरी शादी की तैयारी कर रहे थे, मुझे छोड़कर कैसे चले गए. घर के हर कोने में रखे शादी के कपड़े, गहने और उपहार अब उस खुशी की दर्दनाक याद दिला रहे हैं, जो पल भर में मातम में बदल गई.

स्थानीय निवासी तथा घायलों की मदद करने वाले कृष्णा शर्मा का कहना है कि अगर कोहरे में ट्रकों की रफ्तार सीमित होती, तो यह हादसा टल सकता था. हर साल कोहरे के मौसम में आरा-बक्सर फोरलेन पर ऐसे हादसे होते हैं, लेकिन भारी वाहनों पर सख्ती नहीं हो पाती. अन्य ग्रामीणों का भी यह सवाल है कि आखिर ऐसी मौतें कब रुकेंगी?

नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि पीछे से टक्कर मारने वाली ट्रक को जब्त कर लिया गया है और चालक की तलाश की जा रही है. कोहरे में भारी वाहनों पर नियंत्रण न होना इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है. पोस्टमार्टम के बाद चारों शव परिजनों को सौंप दिया गया. गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन जिस घर में कुछ दिनों बाद शादी की बधाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब सिर्फ चीत्कार और सन्नाटा है.







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