कहा कि जिला परिषद में जो हंगामा और धरना-प्रदर्शन हो रहा है, वह विकास कार्यों या जनहित के मुद्दों के लिए नहीं, बल्कि कुछ लोगों की नाकामियों और मनमानी को छिपाने का प्रयास है.
- जिला परिषद में जारी विवाद पर पूर्व अध्यक्ष विद्या भारती का हमला
- लाइब्रेरी प्रकरण की जांच कराने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की उठाई मांग
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिला परिषद में चल रहे विवाद और धरना-प्रदर्शन को लेकर जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष विद्या भारती ने वर्तमान नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि जिला परिषद में जो हंगामा और धरना-प्रदर्शन हो रहा है, वह विकास कार्यों या जनहित के मुद्दों के लिए नहीं, बल्कि कुछ लोगों की नाकामियों और मनमानी को छिपाने का प्रयास है.
मीडिया से बातचीत में विद्या भारती ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान जिला परिषद और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय था. उन्होंने दावा किया कि जिला परिषद अध्यक्ष की बात को अधिकारी गंभीरता से लेते थे और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग करते थे. उन्होंने कहा कि जिला परिषद को एक मजबूत संस्था के रूप में स्थापित करने और जिले के विकास को नई दिशा देने का उनका सपना था, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उनका कार्यकाल बीच में समाप्त हो गया.
पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ अनुभवी जिला परिषद सदस्यों ने अपने निजी हितों के लिए जिला परिषद को गुमराह किया और संस्था की गरिमा को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने व्यक्तिगत लाभ के लिए नेतृत्व परिवर्तन कराया और अब धरना-प्रदर्शन के माध्यम से खुद को बेहतर साबित करने की कोशिश कर रहे हैं.
विद्या भारती ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब वर्तमान अध्यक्ष के हाथ में जिला परिषद की पूरी जिम्मेदारी है, तब धरना-प्रदर्शन की आवश्यकता क्यों पड़ रही है. उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं तो यह नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल खड़ा करता है.
उन्होंने विवाद की जड़ लाइब्रेरी प्रकरण को बताया. उनका आरोप है कि जिला परिषद सदस्यों की जानकारी और अनुशंसा के बिना विभिन्न क्षेत्रों में लाइब्रेरी खोलने की प्रक्रिया अपनाई गई. उन्होंने इसे पारदर्शिता के अभाव का मामला बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. विद्या भारती ने कहा कि किसी भी योजना के क्रियान्वयन में संबंधित जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेना आवश्यक होता है.
पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि जिला परिषद त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था की सर्वोच्च संस्था है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान विवाद के कारण बक्सर जिला परिषद की छवि पूरे बिहार में प्रभावित हुई है. साथ ही उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की.
वीडियो :





.png)








0 Comments