समस्याओं को दूर करने के लिए केवल मिस्त्री बबलू और गुलाब जी ही तैनात थे. शिकायतों की संख्या अधिक होने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा. कई उपभोक्ता तो कर्मचारियों को अपनी निजी गाड़ियों से घटनास्थल तक पहुंचाने के लिए मजबूर दिखे.
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- रात एक बजे शिकायत लेकर पहुंचे दर्जनों उपभोक्ता, समाधान के लिए करना पड़ा इंतजार
- तार जलने और फॉल्ट की बढ़ती घटनाओं से लोगों में नाराजगी, व्यवस्था पर उठे सवाल
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर की विद्युत व्यवस्था की पोल शनिवार देर रात उस समय खुल गई, जब बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपनी शिकायतों के समाधान के लिए औद्योगिक पावर हाउस पहुंच गए. रात करीब एक बजे पावर हाउस परिसर में उपभोक्ताओं की भीड़ जुट गई, जबकि शिकायतों के निस्तारण के लिए केवल दो मिस्त्री ही ड्यूटी पर मौजूद थे. इस स्थिति ने विद्युत वितरण व्यवस्था की तैयारियों और संसाधनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शहर के विभिन्न इलाकों से तार जलने, फ्यूज उड़ने और स्थानीय फॉल्ट की शिकायतें लगातार आ रही थीं. लेकिन इन समस्याओं को दूर करने के लिए केवल मिस्त्री बबलू और गुलाब जी ही तैनात थे. शिकायतों की संख्या अधिक होने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा. कई उपभोक्ता तो कर्मचारियों को अपनी निजी गाड़ियों से घटनास्थल तक पहुंचाने के लिए मजबूर दिखे.
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ उपभोक्ताओं ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने दी जाएगी. हालांकि मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिकायतों के निस्तारण का प्रयास जारी रखा.
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली कंपनी बिजली चोरी रोकने और राजस्व वसूली के लिए तो लगातार अभियान चलाती है, लेकिन उपभोक्ता सेवाओं को मजबूत करने के लिए पर्याप्त मानवबल उपलब्ध नहीं कराती. उनका कहना है कि भीषण गर्मी और बढ़े हुए विद्युत भार के कारण बार-बार फॉल्ट हो रहे हैं, जबकि मरम्मत कार्य के लिए पर्याप्त कर्मियों की व्यवस्था नहीं है.
स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि कई स्थानों पर निम्न गुणवत्ता के तार, जंपर और अन्य उपकरणों के उपयोग के कारण समस्याएं बढ़ रही हैं. उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है.
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि रात्रिकालीन ड्यूटी में पर्याप्त संख्या में मिस्त्रियों और अभियंताओं की तैनाती की जाए, प्रत्येक फीडर के लिए अलग मरम्मत दल बनाया जाए तथा शनिवार रात की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए पावर हाउस के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा कराई जाए.





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