बुधवार देर शाम तक कुछ का कुछ अता-पता नहीं चला, दूसरे दिन गुरुवार की सुबह स्थानीय गोताखोर एक बार फिर नदी में उतरे और उन्होंने घाट के समीप ही पानी में पुल निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे से कुश का शव बरामद कर लिया.
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| मृतक के घर पहुंचे नगर थानाध्यक्ष |
- स्नान के दौरान डूबा था 13 वर्षीय कुश पांडेय, परिजनों को सौंपा गया शव
- पोस्टमार्टम से परिजनों ने किया इनकार, एसडीपीओ गौरव पांडेय ने दी जानकारी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : होली के दिन गंगा स्नान के दौरान लापता हुए किशोर का शव तकरीबन 24 घंटे बाद गंगा नदी से बरामद कर लिया गया. गुरुवार सुबह स्थानीय गोताखोरों और प्रशासन की मौजूदगी में किशोर का शव पानी से निकाला गया, जिसके बाद पूरे इलाके में मातम छा गया.
गौरतलब है कि होली के दिन सुबह करीब 10 बजे पुलिया घाट पर स्नान के दौरान दो बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे थे. स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, जबकि 13 वर्षीय कुश पांडेय गंगा गहरे पानी में लापता हो गया था. वह छोटकी सारीमपुर के निवासी व्यवसायी विश्वजीत पांडेय का पुत्र था. घटना के बाद से परिजन घाट पर ही डटे हुए थे और लगातार खोजबीन में सहयोग कर रहे थे.
पुल निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे से बरामद हुआ शव
घटना के बाद परिजन अपने स्तर से शव की खोजबीन कर रहे थे वहीं दूसरी ओर एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंचकर तलाश में जुट गई थी. बुधवार देर शाम तक कुछ का कुछ अता-पता नहीं चला, दूसरे दिन गुरुवार की सुबह स्थानीय गोताखोर एक बार फिर नदी में उतरे और उन्होंने घाट के समीप ही पानी में पुल निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे से कुश का शव बरामद कर लिया.
परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की. इस संबंध में एसडीपीओ गौरव पांडेय ने बताया कि शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद स्वजनों द्वारा उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया. हालांकि, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था.
दो भाइयों में बड़ा था कुश
कुश पांडेय दो भाइयों में बड़ा था. होली के दिन 10-12 बच्चे गंगा स्नान के लिए गए थे जिनमें कुश भी शामिल था. कुश का छोटा भाई लव 5 वर्ष का है. पिता व्यवसाय करते हैं और छोटकी सारीमपुर में ही किराए के मकान में रहते हैं. इस घटना के बाद एक तरफ जहां माता-पिता ने अपनी एक संतान को खो दिया वहीं छोटे भाई के सिर से भी बड़े भाई का साया उठ गया.
खतरनाक हो गया है पुलिया घाट
घटना के बाद घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. पूर्व लोक अभियोजक तथा सामाजिक कार्यकर्ता नंद गोपाल प्रसाद का कहना हैं कि पुलिया घाट पर पुल निर्माण के लिए गड्ढे बनाए गए हैं ऐसे में घाट खतरनाक हो गया है. होली जैसे बड़े पर्व पर बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में पर्याप्त निगरानी और सतर्कता होनी चाहिए.




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